Janmashtami 2022 Puja Muhurat Live: बाल कृष्ण ने ऐसे किया पूतना का वध
Janmashtami 2022 Puja Muhurt Live: देश भर में आज जन्माष्टमी की धूम है. श्रीकृष्ण की जन्मनगरी मथुरा में भी जन्माष्टमी आज ही मनाई जा रही है. आइए जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त और कृष्ण की पूजन विधि.
ABP LiveLast Updated: 20 Aug 2022 12:09 AM

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Janmashtami 2022: देश भर में आज जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. कुछ जगहों पर जन्माष्टमी कल ही मना ली गई थी. अष्टमी तिथि 18 अगस्त को रात 9...More
Janmashtami 2022: देश भर में आज जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. कुछ जगहों पर जन्माष्टमी कल ही मना ली गई थी. अष्टमी तिथि 18 अगस्त को रात 9 बजकर 21 मिनट से शुरू हो चुकी है जो 19 अगस्त यानी आज रात 10 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगी. श्रीकृष्ण की जन्मनगरी मथुरा में भी जन्माष्टमी आज ही मनाई जा रही है. भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में मनाया जाता है. जन्माष्टमी के दिन भक्त बाल-गोपाल की पालकी सजाते हैं और पूरी श्रद्धा भाव से उनका श्रृंगार करते हैं. आइए जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त और भगवान कृष्ण की पूजन विधि.कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्तब्रह्म मुहूर्त - 04.32 AM - 05.16 AMअभिजित मुहूर्त - 12.04 PM - 12.56 PMगोधूलि मुहूर्त - 06.47 PM - 07.11 PMइसके अलावा आज जन्माष्टमी के दिन 8 तरह के शुभ योग बन रहे हैं. ये 8 शुभ योग महालक्ष्मी, बुधादित्य, ध्रुव, छत्र, कुलदीपक, भारती, हर्ष और सत्कीर्ति योग हैं. इन योग में पूजा करना विशेष फलदायी होता है. इस तरह करें भगवान कृष्ण की पूजाशंख में स्वच्छ जल भरकर कान्हा की मूर्ति को स्नान कराएं. स्नान के बाद उन्हें साफ और नए वस्त्र पहनाएं. चंदन और आभूषण से उनका श्रृंगार करें. कान्हा जी के लिए मोरमुकुट, मोरपंख, उनकी प्रिय बांसुरी और माला जरूर पहनाएं. श्रृंगार के बिना श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है. कान्हा की पूजा करें और आरती जरूर उतारें. इसके बाद माथे पर टीका लगाएं. कान्हा जी को उनके पसंदीदा माखन, दही, मिश्री और खीर का भोग लगाएं.Janmashtami 2022 Puja: जन्माष्टमी पर कान्हा के जन्म का है खीरे से खास संबंध, जानें क्यों इसके बिना बाल गोपाल की पूजा है अधूरीJanmashtami 2022 Date Time: 19 अगस्त को मनाएंगे जन्माष्टमी तो जान लें शुभ मुहूर्त, इन उपायों से बरसेगी कान्हा की कृपा
व्रत हुआ खत्म, अब कैसे करें पारण, जानिये
आज जन्माष्टमी पर लोग फलाहारी /निराहार व्रत रखते हैं. इसलिए भक्तों को व्रत का पारण कान्हा को भोग में अर्पित की गई पंजीरी और माखन को खाकर करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार बाल गोपाल के प्रसाद से व्रत का पारण करने पर कान्हा की पूजा पूर्ण मानी जाती है. ये स्वास्थ के लिहाज से भी ठीक है.