July 2026 Chor Panchak: सप्ताह के दिन अनुसार पंचक काल निर्धारित किया जाता है. शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक कहा जाता है. इस बार 31 जुलाई से 4 अगस्त तक चोर पंचक रहेंगे.  मुहूर्त चिंतामणि  में पंचक के बारे में बताया गया है.

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'अग्नि-चौरभयं रोगो राजपीडा धनक्षतिः। संग्रहे तृण-काष्ठानां कृते वस्वादि-पंचके।।अर्थात - मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार पंचक में 5 प्रकार के कार्यों को वर्जित माना गया है. लकड़ी को एकत्र करना, पंलग खरीद कर घर पर लाना या उसका निर्माण कराना, घर की छत का निर्माण कराना और दक्षिण दिशा की यात्रा करना अशुभ माना गया है.

चोर पंचक क्यों है खतरनाक

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मान्यता है कि इस अवधि में किए गए कुछ कार्यों में अपेक्षित सफलता मिलने में बाधा आ सकती है या अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार इस समय यात्रा, महत्वपूर्ण लेन-देन और नए कार्यों को शुरू करने में सावधानी बरतना चाहिए

मान्यता है कि इस अवधि में चोरी, धन हानि, सामान खोने, दस्तावेजों के गुम होने या आर्थिक नुकसान जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण कई लोग इस समय में महत्वपूर्ण वित्तीय या व्यावसायिक निर्णय लेने से बचते हैं.

चोर पंचक में पैसों से जुड़े ये काम न करें

  • चोर पंचक के दौरान विशेष रूप से लंबी यात्रा.
  • बड़ी धनराशि का लेन-देन.
  • सोना-चांदी, आभूषण या अन्य कीमती वस्तुओं की खरीद.
  • नए व्यापार या व्यवसाय की शुरुआत,
  • कीमती सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने जैसे काम नहीं करना चाहिए.

पंचकर में करें तुलसी का उपाय

पंचक के दौरान तुलसी में जल अर्पित करने की कोई मनाही नहीं मानी जाती, इसलिए इस अवधि में भी प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक तुलसी की पूजा और जल अर्पित किया जा सकता है. हालांकि एकादशी और रविवार के दिन तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दोनों दिनों में मां तुलसी भगवान विष्णु की आराधना और व्रत में लीन रहती हैं, इसलिए जल अर्पित करने से परहेज किया जाता है.

यदि आप धन-संपत्ति में वृद्धि की कामना रखते हैं, तो पंचक के शुक्रवार को तुलसी की सूखी मंजरी को एक स्वच्छ लाल कपड़े में बांधकर छोटी-सी पोटली बना लें. इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः" मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें. मंत्र जाप के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी, धन रखने के स्थान या अलमारी में रखें. धार्मिक मान्यता है कि यह उपाय आर्थिक समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने में सहायक माना जाता है.

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