Amarnath Yatra 2026: देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक, पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 (Amarnath Yatra 2026 Registration) के लिए अब तक 3.6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो गई थी. इस वर्ष यात्रा 57 दिनों तक चलेगी, जो 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक जारी रहेगी.

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यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इस बार कई अहम व्यवस्थाएं और दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पंजीकरण के पहले दिन ही बैंकों में लंबी कतारें देखने को मिली.

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए इस कठिन पर्वतीय यात्रा में शामिल होते हैं. ऐसे में प्रशासन ने इस बार रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह अनिवार्य करते हुए सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रावधानों को और सख्त कर दिया है. 5 से 30 लोगों के ग्रुप में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन बंद हो चुके हैं. अकेले या छोटे ग्रुप में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्लॉट खाली रहने तक रजिस्ट्रेशन जारी रहेंगे.

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अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार भी दो पारंपरिक मार्ग तय किए गए हैं. पहला 48 किलोमीटर लंबा नुनवन-पहलगाम मार्ग, जो पहलगाम से होकर गुजरता है. यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा लेकिन धीरे-धीरे चढ़ाई वाला है, जिसे पारंपरिक और अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है.

दूसरा मार्ग 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन अधिक कठिन बालटाल रूट है, जो बालटाल से शुरू होता है. यह मार्ग कम समय में यात्रा पूरी करने का विकल्प देता है, लेकिन इसमें खड़ी चढ़ाई और जोखिम ज्यादा होता है.

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ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध

श्रद्धालु अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके अलावा देशभर में 550 से अधिक बैंक शाखाओं के माध्यम से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है.

इन बैंकों में स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और जम्मू कश्मीर बैंक शामिल हैं.

यात्रा में शामिल होने के लिए कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) अनिवार्य किया गया है. यह प्रमाणपत्र 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद किसी अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी होना चाहिए. प्रशासन का मानना है कि ऊंचाई वाले इस कठिन मार्ग में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी है.

इसके अलावा, हर यात्री के लिए RFID कार्ड भी अनिवार्य किया गया है, जिससे यात्रियों की लोकेशन ट्रैक कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

  • पंजीकरण शुल्क: ₹150 प्रति व्यक्ति
  • आयु सीमा: 13 से 70 वर्ष
  • 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं
  • अनिवार्य दस्तावेज: मूल फोटो पहचान पत्र और मेडिकल सर्टिफिकेट

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा की तारीख से 7 दिन पहले तक ही रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा. बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.

यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य बल तैनात रहेंगे. पहाड़ी मार्गों पर मेडिकल टीम, रेस्क्यू यूनिट और हेल्प सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

जीअमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं. प्रशासन जहां एक ओर श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को सख्ती से लागू कर यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है. श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते रजिस्ट्रेशन करवाएं और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें. 

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