Amarnath Yatra 2026: पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिमलिंग के तेजी से पिघलने की खबरों के बीच, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर है. यात्रा शुरू होने के शुरुआती 5 दिनों के भीतर ही बर्फ का शिवलिंग काफी छोटा हो गया है.

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यही वजह है कि देश भर से श्रद्धालु जल्द से जल्द दर्शन करने के लिए कश्मीर पहुंच रहे हैं. रफ्तार इतनी तेज है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार शुरुआती 6 दिनों में रिकॉर्ड 28 फीसदी अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है.

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6 दिनों में 1.42 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम 7:00 बजे तक 1,42,861 तीर्थयात्री पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं.

  • पिछले साल इसी अवधि (शुरुआती छह दिनों) में यह संख्या 1,11,975 थी.
  • इस साल अब तक 30,886 (लगभग 28 प्रतिशत) अधिक भक्त बाबा बर्फानी के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं.
  • अकेले बुधवार को ही 29,047 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना की.

बुधवार को दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा (एक नजर में)

श्रेणीश्रद्धालुओं की संख्या
पुरुष18,362
महिलाएं9,737
बच्चे404
साधु और साध्वियां194 (181 साधु, 13 साध्वियां)
ट्रांसजेंडर11
सुरक्षाकर्मी339

जम्मू से रवाना हुआ अब तक का सबसे बड़ा 'सातवां जत्था'

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से इस सीजन का सबसे बड़ा जत्था रवाना हुआ है. सातवें जत्थे में 9,837 तीर्थयात्री 361 वाहनों के भारी सुरक्षा काफिले में पहलगाम और बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए.

  • पहलगाम मार्ग: 188 वाहनों में 5,337 तीर्थयात्री रवाना हुए.
  • बालटाल मार्ग: 173 वाहनों में 4,500 तीर्थयात्री रवाना हुए.

इस जत्थे में 6,684 पुरुष, 2,730 महिलाएं, 21 बच्चे, 320 साधु, 80 साध्वियां और दो ट्रांसजेंडर शामिल हैं.

प्रशासन की अपील: बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्री अभी न आएं

हिमलिंग के जल्दी पिघलने की वजह से मची 'जल्दी दर्शन' की होड़ को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. भक्तों की भारी भीड़ के चलते रोजाना आने वाले लोगों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है.

महत्वपूर्ण गाइडलाइन: वर्तमान में सभी स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से फुल हो चुकी हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्थयात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. साथ ही, जिन लोगों की एडवांस बुकिंग नहीं है, उन्हें फिलहाल अपनी यात्रा टालने की सलाह दी गई है.

28 अगस्त तक चलेगी 57 दिनों की यात्रा

अनंतनाग के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और गांदरबल के 14 किलोमीटर लंबे छोटे बालटाल मार्ग, दोनों पर यात्रा सुचारू और सुरक्षित तरीके से चल रही है. 3 जुलाई से शुरू हुई यह 57 दिवसीय वार्षिक यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी. यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन, पुलिस, सीएपीएफ (CAPF) और स्वास्थ्य विभाग ने कड़े सुरक्षा और लॉजिस्टिकल इंतजाम किए हैं.

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