Amarnath Yatra 2026: देश भर के बाबा अमरनाथ के भक्तों का साल भर का लंबा इंतजार आज आखिरकार खत्म हो गया है. कश्मीरी हिमालय की पवित्र गुफा में विराजमान बाबा बर्फानी के अलौकिक हिमलिंग के दर्शन आज से शुरू हो चुके हैं. इस पावन अवसर पर चारों ओर 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयघोष गूंज रहे हैं.

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इसी बीच, जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास बेस कैंप से अमरनाथ यात्रियों का दूसरा बड़ा जत्था बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर के बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना हो चुका है.

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तड़के 3 बजे रवाना हुआ दूसरा जत्था

भगवान भोलेनाथ के भक्तों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था शुक्रवार सुबह करीब 3:00 बजे जम्मू बेस कैंप से घाटी के लिए रवाना हुआ. यह जत्था सुरक्षा बलों के बख्तरबंद वाहनों की सुरक्षा में श्रीनगर की तरफ बढ़ रहा है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 44) पर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं.

बालटाल रूट से आज ही होंगे दर्शन, पहलगाम वाले कल पहुंचेंगे

अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) के अनुसार, दोनों रूटों पर यात्रा का स्वरूप अलग-अलग है:

बालटाल मार्ग (गांदरबल): यह रास्ता छोटा (लगभग 14 किमी) लेकिन काफी सीधा और खड़ी चढ़ाई वाला है. इस मार्ग से पैदल कूच करने वाले श्रद्धालु आज ही पवित्र गुफा पहुंचकर हिमलिंग के दर्शन कर सकेंगे.

पहलगाम मार्ग (अनंतनाग): यह 48 किलोमीटर का पारंपरिक और प्राचीन मार्ग है, जहां चढ़ाई क्रमिक है. इस रूट से जाने वाले भक्तों को पैदल यात्रा तय करते हुए बाबा बर्फानी के दर्शन शनिवार को होंगे.

अभूतपूर्व सुरक्षा: कोबरा कमांडोज तैनात और हाईवे सील

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर हाईवे को किले में तब्दील कर दिया गया है. यात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के विशेष 'कोबरा कमांडोज' (CoBRA Commandos) को सौंपी गई है, जो यात्रियों के काफिले के साथ लगातार सफर कर रहे हैं.

सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, जब यह जत्था हाईवे से गुजरता है, तो पूरे मार्ग को अस्थाई रूप से सील कर दिया जाता है. किसी भी अनधिकृत (Un-authorized) वाहन को काफिले के बीच में प्रवेश करने की इजाजत नहीं है. काफिले के निकलने से पहले पूरे हाईवे को बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड और आधुनिक मेटल डिटेक्टरों की मदद से पूरी तरह सैनिटाइज (चेक) किया जाता है. जगह-जगह सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है.

रक्षाबंधन पर होगा यात्रा का समापन

इस साल (2026) अमरनाथ यात्रा पूरे 57 दिनों तक चलेगी. आज यानी 3 जुलाई से शुरू हुई यह पावन तीर्थयात्रा आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पवित्र दिन 'छड़ी मुबारक' की स्थापना और अंतिम पूजा के साथ संपन्न होगी. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों और स्वास्थ्य गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें.

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