Aaj ka Panchang 11 October Maa Katyayani Puja : मां कात्यायनी की करें पूजा, शत्रुसंहार की शक्ति व संतान प्राप्ति का मिलेगा आशीर्वाद
Aaj ka Panchang Today 11 October Maa katyayani Puja updates: आज नवरात्रि की षष्ठी तिथि है. इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. जानें पूजा मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल व आज का पंचांग
एबीपी न्यूजLast Updated: 11 Oct 2021 01:48 PM

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Aaj ka Panchang Today 11 October Maa katyayani Puja updates: हिंदी पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है. आज दिन सोमवार और तारीख 11 अक्टूबर है. पंचांग के अनुसार, आज नवरात्रि का 6वां दिन और षष्ठी तिथि है. नवरात्रि की षष्ठी तिथि को मां दुर्गा के मां कात्यायनी स्वरूप की पूजा का विधान है. कहा जाता है कि मां कात्यायनी अति उदार है. वे अपने भक्तों की पूजा से बहुत जल्द प्रसन्न हो जाती हैं तथा उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.कहा जाता है कि जो कन्याएं अपने मन में विवाह का विचार रखकर व्रत व पूजन करती हैं. उन्हें मां कात्यायनी प्रसन्न होकर सुयोग्य वर का आशीर्वाद प्रदान करती हैं तथा विवाह में आने वाली बाधाएं दूर करती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की कृपा से भक्तों के सभी मंगल कार्य पूरे होते हैं.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज 11 अक्टूबर 2021 को शनि देव मकर राशि में मार्गी हुए है. बतादें कि शनिदेव 23 मई 2021 को वक्री हुए थे. शनि देव के वक्री से मार्गी होने का सभी राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव पडेगा. आज दोपहर पूर्व तक सौभाग्य योग है, उसके बाद से शोभन योग शुरू होगा इसके अलावा दोपहर से रवि योग भी प्रारंभ हो रहा है, जो अगले दिन यानी 12 अक्टूबर को प्रात: काल तक रहेगा. पंचांग के मुताबिक, आज का दिन मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम है.आज सोमवार है. सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए उत्तम माना जाता है. इस लिए आज भगवान शिव की पूजा करने विशेष लाभ मिलने की मान्यता है.यह भी पढ़ें:-Mahima Shanidev Ki: शनिदेव के नाना विश्वकर्मा ने मां संध्या को सूर्यलोक आने से रोका, जानिए क्यों साथ नहीं आ सकती थीं छाया-संध्या Mahima Shanidev Ki: शनिदेव की कैलाश यात्रा में इंद्र के षड्यंत्रों के बीच नारायण ने भी ली कठिन परीक्षा, जानिए परिणाम
मां कात्यायनी की पूजा विधि
नवरात्रि की षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी की पूजा का विधान है. उपासक इस दिन प्रातः काल नित्यकर्म से निवृत्त होकर मां कात्यायनी के मूर्ति की स्थापना करे. अब गंगाजल से मां का पवित्रीकरण और आचमन करें. मां कात्यायनी को पूजन में शहद को भोग जरूर लगाएं.
तत्पश्चात मां को रोली,अक्षत, फल, गुड़हल या लाल रंग का फूल, चुनरी और श्रृगांर का सामान अर्पित करें और धूप, दीप से पूजन व आरती करें.पूजा के दौरान दुर्गा सप्तशती, कवच और दुर्गा चलीसा का पाठ करें. साथ ही मां कात्यायनी के मंत्रों का जाप करें. अंत में आरती कर प्रणाम करें.