What Happens If You Do Planks Daily: फिट रहने के लिए लोग अक्सर सिट-अप्स को सबसे असरदार एक्सरसाइज मानते हैं, लेकिन फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार एक ऐसी एक्सरसाइज है जो इससे भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है, प्लैंक. यह दिखने में भले ही आसान लगे, लेकिन सही तरीके से किया जाए तो यह पूरे शरीर को मजबूत बनाने वाली एक बेहतरीन एक्सरसाइज है. फिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि हफ्ते में कुछ बार सिर्फ 10 मिनट प्लैंक करने से भी शरीर के डीप एब्डॉमिनल मसल्स एक्टिव हो जाते हैं. इससे न सिर्फ रीढ़, पेल्विस और हिप्स को सपोर्ट मिलता है, बल्कि बॉडी पोश्चर भी बेहतर होता है और रोजमर्रा के काम करना आसान हो जाता है.

Continues below advertisement

प्लैंक क्यों होती है इतनी खास?

प्लैंक की खास बात यह है कि यह एक बॉडीवेट और आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज है, यानी इसमें शरीर को एक ही पोजीशन में स्थिर रखकर मसल्स को काम करना पड़ता है. फिटनेस ट्रेनर Laura Logan के अनुसार, प्लैंक केवल एक एक्सरसाइज नहीं, बल्कि फिटनेस की बुनियादी नींव है, जिसे शुरुआती और एडवांस दोनों स्तर के लोग कर सकते हैं. इस एक्सरसाइज के दौरान शरीर का वजन हाथों और पैरों पर संतुलित रहता है, जिससे कई मसल्स एक साथ काम करते हैं. यही वजह है कि इसे फुल-बॉडी वर्कआउट भी कहा जाता है. इसमें सबसे ज्यादा असर कोर मसल्स पर पड़ता है, जिसमें रेक्टस एब्डॉमिनिस, ट्रांसवर्सस एब्डॉमिनिस और ऑब्लिक्स शामिल हैं. ये मसल्स शरीर को स्थिर रखने और कमर को सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभाते हैं. 

Continues below advertisement

इसे भी पढ़ें -Vitamin Side Effects: सावधान! बिना डॉक्टरी सलाह के यह विटामिन लेना पड़ सकता है भारी, जा सकती है आंखों की रोशनी

इन चीजों को होता है फायदा

 प्लैंक करते समय कंधे, छाती और बाजू भी एक्टिव रहते हैं. शोल्डर्स, बाइसेप्स और ट्राइसेप्स इस पोजीशन को बनाए रखने में मदद करते हैं. वहीं निचले हिस्से में ग्लूट्स और पैरों की मसल्स हिप्स को नीचे झुकने से रोकती हैं और शरीर को सीधा बनाए रखती हैं. प्लैंक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सिर्फ मसल्स को मजबूत नहीं बनाता, बल्कि चोट के खतरे को भी कम करता है. जब कोर मजबूत होता है, तो शरीर का संतुलन बेहतर रहता है और आसपास की मसल्स पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता. इससे कमर दर्द और अन्य चोटों का जोखिम घटता है.

क्या कहते हैं  एक्सपर्ट?

फिटनेस कोच Lillian Davis के मुताबिक, नियमित प्लैंक करने से पोश्चर में भी सुधार आता है. यह रीढ़ को सही पोजीशन में रखने में मदद करता है, जिससे कंधे पीछे की ओर रहते हैं और शरीर ज्यादा संतुलित दिखता है. इसके अलावा, प्लैंक मसल्स की एंड्योरेंस बढ़ाने में भी मदद करता है. जब कई मसल्स एक साथ काम करते हैं, तो शरीर धीरे-धीरे ज्यादा देर तक एक्टिव रहने की क्षमता विकसित करता है.

इसे भी पढ़ें - Multivitamins And Ageing: क्या मल्टीविटामिन से थमेगी बढ़ती उम्र की रफ्तार? नई स्टडी में मिले चौंकाने वाले संकेत

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.