नए पेरेंट्स के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि अगर उनका एक साल का बच्चा मारने लगे, काटने लगे या चीजें फेंकने लगे तो क्या करना चाहिए. कई बार बच्चे खेल-खेल में ऐसा करते हैं, लेकिन पेरेंट्स को समझ नहीं आता कि यह उम्र सिखाने की है या अभी उसे सब माफ कर देना चाहिए. खासकर जब बच्चा सिर्फ एक साल का हो, तो डिसिप्लिन शब्द सुनते ही लोग डर जाते हैं. उन्हें लगता है कि डिसिप्लिन मतलब डांटना, सजा देना या सख्ती करना, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि एक साल की उम्र में भी बच्चे को डिसिप्लिन सिखाया जा सकता है. लेकिन सही तरीके से, उनका मानना है कि डिसिप्लिन का मतलब सजा नहीं, बल्कि बच्चे को प्यार और धैर्य के साथ सही-गलत का फर्क समझाना है.
क्या एक साल के बच्चे को सिखाया जा सकता है डिसिप्लेन?
डिसिप्लिन की शुरुआत बहुत छोटी उम्र से हो जाती है. कई बार 9–10 महीने का बच्चा खाना जमीन पर फेंक देता है, खेलते-खेलते मारने लगता है या बाल खींचता है. भले ही यह सब मजाक में हो, लेकिन यहीं से पेरेंट्स को सीमाएं तय करनी चाहिए. इस उम्र में बच्चा शब्दों को पूरी तरह नहीं समझता, लेकिन आपका व्यवहार, आवाज का लहजा और बार-बार किया गया अभ्यास वह जरूर समझता है.
डिसिप्लिन और सजा में फर्क समझें
ज्यादातर लोग डिसिप्लिन को सजा से जोड़ देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट साफ कहती हैं कि दोनों अलग-अलग चीजें हैं. डिसिप्लिन का मतलब बच्चे के लिए सुरक्षित और साफ सीमाएं तय करना, हर बार उसी सीमा का पालन करना और बच्चे को यह समझाना कि उससे किस तरह का व्यवहार अपेक्षित है. वहीं सजा में डर, गुस्सा और कभी-कभी चोट भी शामिल हो सकती है, जो छोटे बच्चे के लिए सही नहीं है.
एक साल के बच्चे को कैसे सिखाएं डिसिप्लिन?
1. ज्यादा रिएक्शन न दें - अगर बच्चा खाना फेंकता है या मारता है, तो चिल्लाने या बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचें. इससे बच्चा और वही काम दोहराता है.
2. शांत रहें - शांत आवाज में साफ शब्दों में बताएं. जैसे नहीं, हम खाना नहीं फेंकते, नहीं, मारना नहीं.
3. सही व्यवहार दिखाकर सिखाएं - बच्चे को सिर्फ मना न करें, बल्कि यह भी दिखाएं कि सही क्या है. हम खाना खाते हैं और खुद खाकर दिखाए. प्यार से छूते हैं और उसके हाथ से प्यार से छूना सिखाएं.
4. डिस्ट्रैक्ट करें - अगर बच्चा गलत काम कर रहा है, तो उसका ध्यान किसी और सुरक्षित चीज पर ले जाएं. जैसे खिलौना, किताब या कोई गाना.
5. अच्छा व्यवहार करने पर तारीफ करें - जब बच्चा सही व्यवहार करे, तो उसकी तारीफ करें. जैसे शाबाश, बहुत अच्छा किया.
क्या एक साल के बच्चे को टाइम-आउट देना सही है?
एक साल के बच्चे के लिए टाइम-आउट ज्यादा असरदार नहीं होता है. इस उम्र में बच्चा यह नहीं समझ पाता कि उसे क्यों अलग बैठाया गया है. टाइम-आउट का यूज आमतौर पर 2 साल से बड़े बच्चों के लिए किया जा सकता है, और वह भी तब जब दूसरे तरीके काम न करें.
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