दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कैदियों के हाथों से बनाए जाने वाले प्रॉडक्ट्स अब आम लोगों तक ऑनलाइन पहुंचेंगे. अब तक यह सामान कोर्ट परिसर और जेल कैंटीन तक सीमित थे, लेकिन अब इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उतार दिया गया है. तिहाड़ जेल प्रशासन ने हाल ही में कैदियों के बनाए गए कुछ प्रोडक्ट्स को सरकारी ऐप मायस्टोर पर लिस्ट किया है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि सरसों के तेल से लेकर कुकीज तक तिहाड़ जेल में बने कौन-कौन से प्रोडक्ट ऑनलाइन बिकेंगे.
मायस्टोर ऐप पर शुरू हुई बिक्री
तिहाड़ जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार मायस्टोर पर फिलहाल 13 तरह के प्रोडक्ट बेच जा रहे हैं. इनमें तिहाड़ से ब्रांड का सरसों तेल, अलग-अलग किस्म की कुकीज और कुछ हैंडीक्राफ्ट आइटम शामिल है. वही माय स्टोर एक ऐसा मार्केट प्लेस है जो सरकार के ONDC नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और भारतीय विक्रेताओं के लिए तैयार किया गया है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो सामान उपलब्ध कराया गया है, उनमें नारियल, आटा, जीरा, मिल्क क्रीम, स्वीट जलेबी, ओट्स और नानखटाई जैसे कुकी शामिल है. इसके अलावा कैदियों के हाथों से तैयार किए गए टीकवुड गणेश शोपीस भी बेचे जा रहे हैं.
अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर लाने की भी हो रही तैयारी
तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि अगर मायस्टोर पर बिक्री का एक्सपीरियंस अच्छा रहा तो आने वाले समय में इन प्रॉडक्ट्स को फ्लिपकार्ट और अमेजॉन जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी लॉन्च किया जा सकता है. तिहाड़ जेल के डीजी एस. बी. के. सिंह ने भी इस पहल की पुष्टि की है.
कैसे होता है तिहाड़ जेल फैक्ट्री में काम?
एशिया की सबसे बड़ी जेल मानी जाने वाली तिहाड़ में करीब 20 हजार कैदी है. इनमें से लगभग 500 केदी रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक जेल फैक्ट्री में काम करते हैं. यहां बेकरी प्रोडक्ट्स के अलावा जूट बैग, स्कूल फर्नीचर, हैंडमेड साड़ियां, कार्डबोर्ड, फाइल और सुप्रीम कोर्ट में इस्तेमाल होने वाले कागज भी तैयार किए जाते हैं. वहीं अधिकारियों के अनुसार तिहाड़ की बेकरी यूनिट सबसे बड़ी है, जहां करीब 70 तरह के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं. साल 2024 में सिर्फ बेकरी प्रोडक्ट से करीब 8 करोड़ रुपये का टर्नओवर हुआ, जबकि बाकी यूनिट से करीब 11 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई थी.
कहां-कहां बिकते हैं तिहाड़ के प्रोडक्ट्स?
फिलहाल तिहाड़ के प्रोडक्ट्स दिल्ली के सभी जिला न्यायालय, दिल्ली हाई कोर्ट, जेल कैंटीन तिहाड़ हाट और तिहाड़ एम्पोरिया में बेचे जाते हैं. इसके अलावा जेल के अंदर भी कैदी इनका इस्तेमाल करते हैं. हाल के महीनों में खासकर बेकरी आइटम्स की मांग तेजी से बढ़ी है. वहीं जेल फैक्ट्री में काम करने वाले कैदियों को करीब 412 रुपये रोजाना मेहनताना दिया जाता है, जो उनके बैंक अकाउंट में जमा होता है. हर महीने कैदी यह पैसा अपने परिवार को भेज सकते हैं. इसके अलावा अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन बिक्री बढ़ने से कैदियों की आमदनी में सुधार होगा और यह उनकी सुधार प्रक्रिया का भी अहम हिस्सा है. इसके अलावा तिहाड़ अधिकारियों के अनुसार तिहाड़ की तरह तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की जेलों में भी कैदियों के हाथों से प्रोडक्ट तैयार करने की यूनिट्स पहले से काम कर रही हैं.
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