पीरियड्स के दौरान अधिकांश लड़कियों का मूड बहुत ज्यादा बदलता रहता है. कभी वे बहुत खुश रहती हैं तो कभी बिना वजह गुस्सा आ जाता है.ये सब शरीर में होने वाले हार्मोन के बदलाव के कारण होता है. प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन नामक हार्मोन माहवारी के दौरान मूड को प्रभावित करते हैं. इसीलिए लड़कियों का मूड बार-बार बदलता रहता है. पीरियड्स के दौरान इन हार्मोनों का स्तर अस्थिर हो जाता है, जिससे लड़कियों को गुस्सा ज्यादा आता है. इसलिए प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन ही पीरियड्स में मूड उतार-चढ़ाव और गुस्से के लिए जिम्मेदार होते हैं. 

आइए जानते हैं गुस्सा आने का और भी कारणमहिलाओं को पीरियड्स के दौरान गुस्सा ज्यादा क्यों आता है, इसके कई कारण हैं. पहला कारण यह है कि इस दौरान हार्मोनों में उतार-चढ़ाव होता है, जिससे मूड बदलाव होता है. दूसरा, पेट में दर्द और क्रैम्प्स की वजह से शारीरिक तकलीफ होती है जो गुस्से का कारण बनती है. तीसरा कारण यह है कि सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने में असहजता महसूस होती है. चौथा कारण नींद न आना है. इन सभी कारणों से पीरियड्स में गुस्सा ज्यादा आता है. 

व्यायाम करें रोजाना व्यायाम और मेडिटेशन से शरीर के हार्मोन्स बेहतर बनते हैं जिससे मूड भी अच्छा रहता है.रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या दौड़-धूप जैसा कोई हल्का एक्सरसाइज़ अवश्य करें. यह शरीर को फिट रखेगा.

बाहर निकलें पीरियड्स का मतलब ये कतई नहीं है कि पूरा समय बेड पर ही रहें इससे मूड स्विंग अधिक होगा अगर आप पूरे समय बिस्तर पर ही रहेंगी तो मूड और अधिक खराब हो सकता है.पीरियड्स के दौरान भी आप बाहर जा सकती हैं, टहलने जा सकती हैं, दोस्तों से मिल सकती हैं. इससे मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और मूड स्विंग भी कम होगा. 

जंक फूड न खाएं पीरियड्स के दौरान कई बार हम अपना मन बहलाने के लिए जंक फूड जैसे - पिज़्जा, बर्गर, केक आदि खाने की कोशिश करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. ऐसे में अगर हम जंक फूड खाएंगे तो शरीर में फ्ल्यूड का रिटेन्शन बहुत बढ़ जाएगा. जिससे सूजन, वजन बढ़ना और अन्य समस्याएं होंगी.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
 
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