How To Fix Squeaky Door Hinges: घर का दरवाजा खोलते या बंद करते ही अगर हर बार चर्र-चर्र की आवाज आती है, तो यह काफी इरिटेटिंग हो सकता है. खासकर रात के समय यह आवाज और भी ज्यादा परेशान करती है. कई बार दरवाजे की आवाज इतनी तेज होती है कि घर में किसी के सोते समय दरवाजा खोलना भी मुश्किल हो जाता है. अच्छी बात यह है कि हर बार इस समस्या के लिए मिस्त्री को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती. कई मामलों में घर में मौजूद एक साधारण चीज की मदद से ही दरवाजे की इस आवाज को कम किया जा सकता है.

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अक्सर दरवाजे से आने वाली चर्र-चर्र की आवाज का कारण उसके कब्जे यानी हिंज होते हैं. समय के साथ इनमें धूल और गंदगी जमा हो सकती है. इसके अलावा हिंज के धातु वाले हिस्सों के बीच पर्याप्त चिकनाई न रहने पर वे आपस में रगड़ खाते हैं. इसी रगड़ के कारण दरवाजा खोलने और बंद करने पर इरिटेटिंग आवाज आने लगती है.

घर में रखी पेट्रोलियम जेली आ सकती है काम

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अगर आपके दरवाजे के हिंज से आवाज आ रही है, तो घर में रखी पेट्रोलियम जेली इस समस्या को दूर करने में काम आ सकती है. इसकी चिकनाई हिंज के हिस्सों के बीच होने वाले घर्षण को कम करने में मदद करती है. इसके लिए सबसे पहले देखें कि आवाज वास्तव में हिंज से ही आ रही है या दरवाजा फ्रेम से रगड़ खा रहा है.

अगर हिंज से आवाज आ रही है, तो उस पर जमा धूल और गंदगी को साफ कपड़े से हटा लें. इसके बाद थोड़ी-सी पेट्रोलियम जेली लेकर हिंज के आसपास और उसके चलने वाले हिस्से पर लगाएं. फिर दरवाजे को कुछ बार धीरे-धीरे खोलें और बंद करें, ताकि जेली अंदर तक पहुंच सके. जरूरत पड़ने पर हिंज पिन को निकालकर उस पर पेट्रोलियम जेली लगाई जा सकती है, हालांकि ऐसा करते समय सावधानी जरूरी है. पेट्रोलियम जेली लगाने के बाद दरवाजे को कई बार खोलने और बंद करने से उसकी आवाज कम हो सकती है. ज्यादा जेली लगाने से बचें और अतिरिक्त जेली को कपड़े से साफ कर दें, ताकि उसके ऊपर धूल-मिट्टी जमा न हो.

जैतून का तेल भी हो सकता है मददगार

अगर घर में पेट्रोलियम जेली नहीं है, तो जैतून के तेल की कुछ बूंदें भी अस्थायी रूप से मदद कर सकती हैं. तेल को सीधे ज्यादा मात्रा में डालने के बजाय किसी ड्रॉपर या पतली नोजल की मदद से हिंज पर कुछ बूंदें लगाएं. इसके बाद दरवाजे को खोलें और बंद करें. ध्यान रखें कि किसी भी तेल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें. अतिरिक्त तेल बाहर निकलकर दरवाजे या आसपास की सतह पर फैल सकता है और उस पर धूल भी चिपक सकती है.

साबुन की टिकिया से भी कम हो सकती है आवाज

घर में मौजूद साबुन की टिकिया भी कुछ मामलों में काम आ सकती है. इसमें मौजूद फैट और ऑयल जैसे तत्व हिंज में घर्षण को कुछ हद तक कम कर सकते हैं. इसके लिए साबुन को हिंज के चलने वाले हिस्से पर हल्के से रगड़ा जा सकता है. इसके बाद दरवाजे को कई बार खोलें और बंद करें, ताकि साबुन हिंज के बीच पहुंच सके. हालांकि, यह तरीका हर दरवाजे पर लंबे समय तक काम करे, ऐसा जरूरी नहीं है. अगर आवाज बार-बार वापस आती है, तो बेहतर होगा कि हिंज को अच्छी तरह साफ करके उसके लिए सही लुब्रिकेंट का इस्तेमाल किया जाए.

पहले साफ करना भी है जरूरी

कई बार लोग आवाज आते ही सीधे तेल या कोई दूसरी चीज हिंज पर डाल देते हैं. लेकिन अगर हिंज में पहले से काफी धूल, जंग या गंदगी जमा है, तो सिर्फ लुब्रिकेंट लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी. इसलिए पहले हिंज को सूखे और साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछें. हिंज में जमा गंदगी हटने के बाद ही जरूरत के हिसाब से पेट्रोलियम जेली या अन्य उपयुक्त लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें. इससे धातु के हिस्सों के बीच रगड़ कम हो सकती है और दरवाजा आसानी से चल सकता है.

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फिर भी आवाज आए तो इन चीजों को चेक करें

हर बार चर्र-चर्र की आवाज का कारण सिर्फ चिकनाई की कमी नहीं होती. अगर दरवाजे के हिंज पुराने या जंग लगे हैं, स्क्रू ढीले हैं या दरवाजा अपनी जगह से थोड़ा टेढ़ा हो गया है, तो आवाज बनी रह सकती है. ऐसे में हिंज के सभी स्क्रू चेक करके उन्हें कसें. नमी और मौसम में बदलाव के कारण लकड़ी का दरवाजा थोड़ा फैल या सिकुड़ भी सकता है. इससे दरवाजा फ्रेम से रगड़ खाने लगता है और खोलते-बंद करते समय आवाज आती है. अगर दरवाजा फ्रेम से टकरा रहा है, तो केवल पेट्रोलियम जेली लगाने से समस्या दूर नहीं होगी.

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