हल्दी भारतीय रसोई का सबसे महत्वपूर्ण और भरोसेमंद मसाला है. यह सिर्फ खाने का रंग और स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सदियों से इसे आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि, आज बाजार में मिलावटी हल्दी की भरमार है, जिसमें कृत्रिम रंग और हानिकारक रसायन मिलाए जाते हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आपके घर की मसालेदानी में रखी हल्दी असली है या नकली.

Continues below advertisement

नकली हल्दी क्यों होती है खतरनाक?

मिलावटी हल्दी में अक्सर मेटानिल येलो जैसे खतरनाक सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं, जो खाद्य पदार्थों में उपयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित हैं. इनके नियमित सेवन से पेट दर्द, अपच और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर लिवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है. बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. इसलिए उनके लिए यह मिलावट और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है.

हल्दी के साथ करें पानी वाला टेस्ट

यह सबसे आसान और भरोसेमंद घरेलू तरीका है. एक साफ गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें और बिना हिलाए 3 से 5 मिनट के लिए छोड़ दें. अगर हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठ जाती है और पानी काफी हद तक साफ रहता है तो यह असली हल्दी की निशानी है. अगर हल्दी तुरंत घुलने लगे और पानी गहरा पीला हो जाए तो समझ लीजिए उसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया है.

Continues below advertisement

हथेली पर रगड़कर पहचानें

एक और बेहद सरल तरीका है थोड़ी सी हल्दी हथेली पर लें और धीरे-धीरे रगड़ें. असली हल्दी की खुशबू प्राकृतिक, मिट्टी जैसी और हल्की तीखी होती है जो तुरंत पहचान में आती है. वहीं नकली हल्दी में रंग बहुत तेज और चमकीला होता है. उसकी गंध असामान्य या रासायनिक महसूस हो सकती है.

टिश्यू पेपर टेस्ट

एक गीले टिश्यू पेपर या सफेद कपड़े पर थोड़ी सी हल्दी रखें. अगर कुछ ही सेकंड में बहुत चमकीला और तेज पीला रंग फैलने लगे तो मिलावट की आशंका प्रबल है. शुद्ध हल्दी का रंग धीरे-धीरे और हल्के पीले रंग में फैलता है. वह इतनी आसानी से और तेजी से नहीं छोड़ता.

खरीदते समय रखें ये सावधानियां

हल्दी हमेशा किसी भरोसेमंद ब्रांड या विश्वसनीय दुकानदार से ही खरीदें. पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें. बाजार में अगर कोई हल्दी बहुत सस्ती मिल रही है तो उससे सावधान रहें. सस्ते में शुद्धता की गारंटी नहीं होती.

यह भी पढ़ें: सोल कढ़ी या कोकम शरबत... गर्मियों में कौन रखता है ज्यादा हाइड्रेट?