MercuryAir Pollution Effects:हम जिस हवा में सांस लेते हैं, उसमें केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि कई हानिकारक तत्व भी मौजूद होते हैं. इन्हीं में से एक है मरकरी (Mercury)। यह एक जहरीली हवा है, जो प्रदूषण, थर्मामीटर, पावर प्लांट्स और कई इलेक्ट्रॉनिक कचरे के जरिए वातावरण में घुल जाती है. हवा में मौजूद मरकरी शरीर में प्रवेश करती है और धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है.

डॉ. बिमलछाजेड़ का कहना है कि “मरकरी से होने वाला असर हर किसी पर समान नहीं होता. कुछ लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है और समय रहते सावधानी न बरतने पर गंभीर रोगों की आशंका बढ़ जाती है.

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किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

  • बच्चे और नवजात शिशु उनका इम्यूनसिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए मरकरी उनके दिमाग और नसों के लिए बेहद हानिकारक है.
  • गर्भवती महिलाएं मरकरी भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती है, जिससे जन्म संबंधी दोष और मानसिक विकास में कमी का खतरा बढ़ जाता है.
  • बुजुर्ग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो चुकी है, उन पर मरकरी का असर जल्दी होता है.
  • सांस संबंधी मरीज जिन लोगों को अस्थमा या अन्य फेफड़ों की बीमारियां हैं, वे हवा में मौजूद मरकरी से ज्यादा प्रभावित होते हैं.
  • फैक्ट्री और इंडस्ट्रियल क्षेत्र में काम करने वाले लोग लगातार प्रदूषण और जहरीली गैसों के संपर्क में रहने से मरकरी का असर तेजी से बढ़ जाता है.

मरकरी से कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं?

मरकरी शरीर के कई हिस्सों पर असर डालती है. लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से कई गंभीर रोग हो सकते हैं.

  • नर्वससिस्टम की समस्या
  • मरकरी दिमाग और नसों पर सीधा असर डालती है.
  • इससे सिरर्दद, डिप्रेशनजैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  • किडनी डैमेज हो सकती है.
  • लंबे समय तक शरीर में मरकरी जमा होने से किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है.
  • इससे यूरिन की समस्या और ब्लड प्रेशर पर असर पड़ सकता है.

हृदय रोग भी हो सकता है.

मरकरी ब्लड प्रेशर बढ़ाने और हृदय की धड़कन अनियमित करने का कारण बन सकती है.

  • हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है.
  • अस्थमा की समस्या के बारे में तो सभी जानते हैं.
  • हवा के जरिए मरकरी के कण फेफड़ों तक पहुंचते हैं.
  • बच्चों में मानसिक विकास पर असर हो सकता है.

बचाव कैसे करें?

  • औद्योगिक और फैक्ट्री क्षेत्रों में mask और safety kits का इस्तेमाल करें.
  • घर में पुराने थर्मामीटर या इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें.
  • प्रदूषण वाले इलाकों में बच्चों और बुजुर्गों को कम से कम बाहर निकलने दें.
  • आहार में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.