Mosquito Virus in China: कोरोना महामारी के बाद दुनिया ने सीखा कि किसी भी संक्रामक रोग को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है. अब चीन में एक और संकट ने दस्तक दी है,चिकनगुनियावायरस. दक्षिणी चीन के ग्वांगडोंग प्रांत में हाल ही में इस बीमारी के 10,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. इतना बड़ा प्रकोप चीन के लिए नया है और यही वजह है कि वहां सरकार ने फिर से जीरो-कोविड जैसी नीति अपनाई है.
मच्छरों के खिलाफ जंग
चिकनगुनिया मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है. इससे बचाव के लिए चीन में sprayinginsecticide, quarantinepolicyजैसे कदम उठाए जा रहे हैं. संक्रमित इलाकों में दिन में कई बार कीटनाशक छिड़काव किया जा रहा है. सरकार मरीजों को तुरंत रिपोर्ट करने और क्वारंटीन में रहने का निर्देश दे रही है.
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क्यों बढ़ा प्रकोप?
चीन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल ज्यादा गर्म मौसम और वायरस के नए स्ट्रेन ने प्रकोप को तेज किया है. ग्लोबलवार्मिंग के कारण मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की तरह चिकनगुनिया भी तेजी से फैल रहा है.
वैश्विक स्थितिक्या है
यह केवल चीन तक सीमित नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और PanAmericanHealthOrganizationके अनुसार, अगस्त 2025 तक दुनिया में लगभग 2.7 लाख लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और 110 से ज्यादा मौतें हुई हैं. अमेरिका, यूरोप और एशिया में भी इसका असर देखा गया है. इसलिए CDC (CentersforDiseaseControlandPrevention) ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे चीन और अन्य प्रभावित देशों की यात्रा करते समय सावधानी बरतें.
चिकनगुनिया पहली बार कहां पर कहां हुआ था
यह वायरस पहली बार 1952 में तंज़ानिया में पहचाना गया था. उस वक्त इसके लक्षण ऐसे होते थे.
- तेज बुखार
- मांसपेशियों में दर्द
- सिर दर्द
- थकान और मतली
- त्वचा पर दाने
अमेरिका में इससे बचने की एक वैक्सीन है
चिकनगुनिया का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज नहीं है. डॉक्टर मुख्य रूप से लक्षणों को कम करने पर ध्यान देते हैं. हालांकि अमेरिका में इसकी एक वैक्सीन उपलब्ध है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें चीन में इसका बड़ा प्रकोप जलवायु परिवर्तन की चेतावनी भी है. इसलिए समय रहते रोकथाम, जागरूकता और सहयोग से ही इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
