Medicine for Heart Attack: दुनिया भर में लाखों लोग हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने के लिए रोज़ना लो-डोज एस्पिरिन लेते हैं. लेकिन अब डॉक्टरों और साइंटिस्ट्स ने एक नई खोज की है, जो मेडिकल गाइडलाइन्स को बदल सकती है. हाल ही में हुई एक बड़ी स्टडी ने यह साबित किया है कि क्लोपिडोग्रेल (Clopidogrel) नाम की दवा, हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाने में एस्पिरिन से ज्यादा असरदार है और खास बात यह है कि इसका रिस्क भी ज्यादा नहीं है.

एस्पिरिन अब तक की पहली पसंद क्यों थी

पिछले कई दशकों से डॉक्टर हार्ट अटैक या स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए एस्पिरिन लेने की सलाह देते रहे हैं. यह दवा खून को पतला करती है और प्लेटलेट्स को चिपकने से रोकती है, जिससे नसों में ब्लॉकेज का खतरा कम हो जाता है. यही एस्पिरिन को “हार्ट प्रोटेक्शन” के लिए सबसे आसान और सस्ती दवा माना जाता रहा.

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क्लोपिडोग्रेल ज्यादा असरदार

  • विश्व के सबसे बड़े हार्ट कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए रिसर्च के अनुसार, क्लोपिडोग्रेल ने एस्पिरिन की तुलना में 14% ज्यादा सुरक्षा दी.
  • इस स्टडी में 29,000 से ज्यादा मरीजों को शामिल किया गया था.
  • नतीजे दिखाते हैं कि क्लोपिडोग्रेल लेने वाले मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कार्डियोवेस्कुलर मौत का खतरा एस्पिरिन लेने वालों की तुलना में कम था.
  • सबसे अच्छी बात यह रही कि ब्लीडिंग जैसी साइड इफेक्ट्स का खतरा दोनों दवाओं में लगभग समान था.

दुनियाभर के मरीजों के लिए उम्मीद

कोरोनरी आर्टरी डिजीज दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित करती है. सिर्फ ब्रिटेन में ही 23 लाख लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं. CAD तब होता है जब दिल की धमनियों में फैट जमा हो जाता है, जिससे ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. हालांकि, इस रिसर्च ने यह साफ कर दिया है कि, क्लोपिडोग्रेल जैसे विकल्प न सिर्फ असरदार हैं, बल्कि हर तरह के मरीजों को भी फायदा पहुंचा सकते हैं.

डॉक्टरों और विशेषज्ञों की राय

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के वैज्ञानिक प्रो. ब्रायन विलियम्स ने कहा कि, एस्पिरिन लंबे समय से दोबारा हार्ट अटैक और स्ट्रोक रोकने के लिए दी जाती रही है. लेकिन यह रिसर्च बताती है कि क्लोपिडोग्रेल शायद ज्यादा सुरक्षित और असरदार विकल्प साबित हो सकता है.

क्या बदलेंगे इलाज के नियम?

क्लोपिडोग्रेल जेनेरिक रूप में उपलब्ध है और इसकी कीमत भी किफायती है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह दवा दुनिया भर में डॉक्टरों की पहली पसंद बन सकती है. हालांकि, बड़े स्तर पर रिसर्च के बाद ही नए गाइडलाइन्स तय किए जाएंगे.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.