Sleeping With Lights On: नींद सिर्फ शरीर को आराम ही नहीं देती, बल्कि हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है. लेकिन कई लोगों की आदत होती है, कमरे की लाइट या बेडसाइड लैंप जलाकर सोना. गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मिताली राठौड़, जिन्हें इंस्टाग्राम पर 'डॉ यूट्रस' नाम से जाना जाता है, ने बताया है कि यह आदत रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर कैसे असर डाल सकती है.
नींद और हार्मोन का डायरेक्ट कनेक्शन
डॉक्टर के मुताबिक, नींद हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में बेहद अहम भूमिका निभाती है. अगर लाइट की वजह से नींद की क्वालिटी बिगड़ती है, तो इसका सीधा असर हार्मोन पर भी पड़ सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि पीरियड साइकिल के अलग अलग चरण, जैसे मेंस्ट्रुअल, फॉलिक्युलर, ओव्युलेटरी और ल्यूटियल फेज, नींद में गड़बड़ी और शरीर की सर्केडियन रिदम यानी बॉडी क्लॉक के बिगड़ने के काफी चांसेज होते हैं.
हार्मोन पर पड़ता है सीधा असर
डॉक्टर के मुताबिक, रात में लाइट के संपर्क में आना, चाहे वह कमरे की लाइट हो या फोन गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट, मेलाटोनिन हार्मोन के प्रोडक्शन को दबा सकता है. यही वह हार्मोन है जो शरीर को नींद का संकेत देता है, और रिप्रोडक्टिव हेल्थ व हार्मोनल रेगुलेशन में अहम भूमिका निभाता है. जब मेलाटोनिन प्रोडक्शन बिगड़ता है, तो नींद इफैक्ट होती है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का लेवल बढ़ सकता है.
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कॉर्टिसोल बढ़ने से शुरू होती है
डॉक्टर ने आगे बताया कि जब कॉर्टिसोल लेवल हाई हो जाता है, तो इंसुलिन रेगुलेशन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ जाती है. यह इंफ्लेमेशन आगे चलकर हार्मोनल बैलेंस और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को भी असर कर सकता है.
सोने के लिए कैसा माहौल है सबसे बेहतर?
डॉक्टर की सलाह है कि सोते वक्त कमरा जितना हो सके उतना अंधेरा रखा जाए, क्योंकि रोशनी वाले कमरे में सोना शरीर की नेचुरल स्लीप] वेक साइकिल में बाधा डाल सकता है. अगर रात में चलने फिरने के लिए हल्की रोशनी की जरूरत हो, तो कमरे के किसी कोने में बेहद मद्धिम लाइट जलाई जा सकती है, जिसे जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल किया जाए.
कमरे का तापमान भी है जरूरी
बेहतर नींद के लिए स्पेशिलिस्ट ने ढीले, हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह भी दी, ताकि शरीर का तापमान सही बना रहे. साथ ही कमरे में मुनासिब हवादारी और आरामदायक तापमान होना भी जरूरी है, ताकि कमरा न ज्यादा गर्म लगे न घुटन भरा हो . उनके मुताबिक मकसद यही है कि कमरा ठंडा, आरामदायक, शांत और अंधेरा हो, ताकि शरीर बिना किसी रुकावट के गहरी और रिस्टोरेटिव नींद ले सके, जो सेहतमंद हार्मोनल रेगुलेशन के लिए बेहद जरूरी है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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