Can Too Much Vitamin D Be Harmful: विटामिन D को आमतौर पर हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जाना जाता है. ज्यादातर लोग इसे धूप, कुछ खास खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट्स के जरिए लेते हैं. लेकिन हाल के वर्षों में साइंटिस्ट  यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह दिमाग पर, खासकर उम्र बढ़ने के साथ, किस तरह असर डालता है. हाल ही में रटगर्स यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में इस विषय पर दिलचस्प बातें सामने आई हैं. इस रिसर्च में 50 से 70 साल की उन महिलाओं को शामिल किया गया, जिनका वजन ज्यादा था. ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर में मौजूद फैट यह तय करता है कि विटामिन D कैसे स्टोर और इस्तेमाल होगाच 

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किस चीज का रखा गया ध्यान‌?

रिसर्चर का मकसद यह जानना था कि विटामिन D की अलग-अलग मात्रा याददाश्त, सीखने की क्षमता और रिएक्शन टाइम पर क्या असर डालती है. ये तीनों चीजें उम्र के साथ बदलती रहती हैं और दिमागी सेहत के लिए बेहद अहम होती हैं. इसके लिए महिलाओं को तीन समूहों में बांटा गया. एक समूह को रोज 600 IU विटामिन D दिया गया, जो सामान्य तौर पर सुझाई गई मात्रा है. दूसरे समूह को 2000 IU और तीसरे को 4000 IU दिया गया, जिसे हाई डोज माना जाता है. इस दौरान सभी प्रतिभागियों को वजन कम करने के लिए भी कहा गया, ताकि ओवरऑल हेल्थ बेहतर हो सके.

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क्या निकला रिजल्ट?

एक साल बाद आए नतीजे काफी दिलचस्प थे. जिन महिलाओं ने 2000 IU विटामिन D लिया, उनकी मेमोरी और नई चीजें सीखने की क्षमता में सुधार देखा गया. इससे संकेत मिलता है कि थोड़ी ज्यादा मात्रा में विटामिन D दिमाग के कुछ हिस्सों के लिए फायदेमंद हो सकता है. हालांकि, इसके साथ एक चिंता वाली बात भी सामने आई. इसी समूह में, खासकर 4000 IU लेने वालों में, रिएक्शन टाइम धीमा पाया गया. यानी वे आसपास होने वाली घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने में ज्यादा समय ले रही थीं. यह बात खासकर बुजुर्गों के लिए अहम है, क्योंकि धीमी प्रतिक्रिया से गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है.

ज्यादा मात्रा में सेवन करने से क्या होती है दिक्कत?

दरअसल, रोजमर्रा की जिंदगी में तेज प्रतिक्रिया बहुत जरूरी होती है. सड़क पार करते समय या चलते-फिरते संतुलन बनाए रखने में इसका बड़ा रोल होता है. इसलिए विटामिन D की ज्यादा मात्रा लेने से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. कुछ अन्य स्टडीज में भी यह बात सामने आई है कि 2000 IU या उससे ज्यादा विटामिन D लेने वालों में गिरने का खतरा बढ़ सकता है. इससे साफ है कि जहां यह विटामिन फायदेमंद है, वहीं इसकी अधिक मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें