अगर आप भी फ्रिज से दूध का पैकेट निकाल कर देखतें हैं और उस पर लिखी तारीख निकल चुकी होने पर कूड़ेदान में डाल देते हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. दुनिया भर में करोड़ों लोग रोजाना भोजन सिर्फ इसलिए फेंक देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पैकेट पर लिखी तारीख बीत गई तो खाना जहर बन गया. यूनाइटेड नेशंस (UN) के मुताबिक, दुनिया भर में एक-तिहाई भोजन की बर्बादी की बड़ी वजह कन्फ्यूजन है, यानी क्या 'बेस्ट बिफोर', 'यूज बाय', 'सेल बाय' और 'एक्सपायरी डेट' सबका एक ही मतलब होता है. तो इस कन्फ्यूजन को दूर करते हैं और समझते हैं कि किस तारीख के बाद खाना फेंकना जरूरी है और किसके बाद नहीं...

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भोजन पर लिखे 'बेस्ट बिफोर' का मतलब क्या है?

Foodbank.org के मुताबिक, 'बेस्ट बिफोर' डेट का सीधा और आसान मतलब यह है कि इस तारीख तक खाना अपनी सबसे अच्छी क्वालिटी में रहेगा. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इस तारीख के बाद वह खराब हो जाएगा या उसे खाना सेहत के लिए खतरनाक होगा.

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यह सिर्फ निर्माता कंपनी की तरफ से एक वादा है कि तय तारीख तक प्रोडक्ट का स्वाद, बनावट, खुशबू और पोषण अपने चरम पर रहेगा. इस तारीख के बाद खाना सेफ्टी के लिहाज से खराब नहीं होता, बल्कि उसकी क्वालिटी में धीरे-धीरे गिरावट आनी शुरू हो सकती है. जैसे बिस्कुट थोड़े नरम हो सकते हैं, चिप्स का क्रंच कम हो सकता है या जूस का रंग हल्का पड़ सकता है, लेकिन अगर उसे सही तरीके से स्टोर किया गया हो तो वह बचा रहेगा.

'यूज बाय' या 'एक्सपायरी डेट' का मतलब क्या?

यह पूरी तरह से सेफ्टी से जुड़ा होता है. यह वह तारीख है जिसके बाद खाना खाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. यह लेबल आमतौर पर उन चीजों पर लगाया जाता है जो जल्दी खराब होती हैं, जैसे दूध, दही, मीट, मछली और ताजा पनीर. इन चीजों को एक्सपायरी डेट के बाद बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, भले ही देखने या सूंघने में वे ठीक लग रही हों, क्योंकि इनमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं जो दिखाई नहीं देते.

अमेरिका के क्लीवलैंड में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बहुत से लोग 'बेस्ट बिफोर' और 'यूज बाय' के बीच के फर्क को न समझ पाने की वजह से पूरी तरह से ठीक खाना फेंक देते हैं. यह न सिर्फ उनके पैसों की बर्बादी है बल्कि पर्यावरण के लिए भी बहुत बड़ी समस्या है.

'बेस्ट बिफोर' और 'यूज बाय' या 'एक्सपायरी डेट' दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं और इनका मतलब भी पूरी तरह से अलग है. ज्यादातर लोग इन दोनों को एक ही समझने की गलती करते हैं और यहीं से सारी परेशानी शुरू होती है.

खाने की चीजों पर लिखी तारीखों का असली मतलब क्या?

माय जरनल कुरियर की रिपोर्ट के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों पर आपको कई तरह की तारीखें देखने को मिलती हैं और हर एक का मतलब अलग होता है:

  • बेस्ट बिफोर: यह सिर्फ क्वालिटी का संकेत है, सेफ्टी का नहीं. इस तारीख तक खाना अपनी सबसे बेहतरीन स्थिति में रहेगा. इसके बाद उसका स्वाद, रंग या बनावट बदल सकती है लेकिन वह खाने के लिए सुरक्षित रहता है. यह लेबल आमतौर पर ड्राई फूड्स, डिब्बाबंद चीजें, बिस्किट, चिप्स, चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर लगाया जाता है.
  • यूज बाय या एक्सपायरी डेट: यह सेफ्टी से जुड़ा लेबल है और इस तारीख के बाद खाना नहीं खाना चाहिए. यह उन चीजों पर होता है जो जल्दी खराब हो जाती हैं और जिनमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं, जैसे दूध, दही, पनीर, मीट और मछली. इस तारीख के बाद इन चीजों को बिल्कुल न खाएं, फिर चाहे वे दिखने में कितनी भी ताजी क्यों न लगें.
  • सेल बाय: यह तारीख दुकानदारों के लिए होती है, ग्राहकों के लिए नहीं. इसका मतलब है कि दुकानदार को इस तारीख तक प्रोडक्ट बेच देना चाहिए. इसका मतलब यह नहीं कि इस तारीख के बाद वह प्रोडक्ट खराब हो गया. अगर आपने 'सेल बाय' डेट के बाद कोई चीज खरीदी है और उसे सही तरीके से स्टोर किया है, तो वह खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो सकती है.
  • फ्रीज बाय: प्रोडक्ट की सबसे अच्छी क्वालिटी बनाए रखने के लिए किसी एक तारीख तक फ्रीज कर लेना चाहिए. यह भी सिर्फ क्वालिटी से जुड़ा सुझाव है, सेफ्टी वॉर्निंग नहीं.
  • मैन्युफैक्चरिंग डेट: यह वह तारीख है जब प्रोडक्ट बनाया गया था. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रोडक्ट कितना पुराना है.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने साफ नियम बनाए हैं कि किस प्रोडक्ट पर कौन सी डेट लिखी जाएगी. भारत में जो चीजें जल्दी खराब नहीं होतीं, उन पर 'बेस्ट बिफोर' लिखा जाता है और जो जल्दी खराब होती हैं उन पर 'यूज बाय' या 'एक्सपायरी डेट' लिखना अनिवार्य है.

क्या 'बेस्ट बिफोर' निकल जाने के बाद भी खाना खाया जा सकता है?

रटगर्स यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ फूड साइंस के डोनाल्ड शैफ्नर इसका जवाब 'हां' में देते हैं. यानी 'बेस्ट बिफोर' खाना बिल्कुल खाया जा सकता है, बशर्ते आपने उसे सही तरीके से स्टोर किया हो और पैकेट खराब न हुआ हो. 'बेस्ट बिफोर' का मतलब यह नहीं है कि उस तारीख की रात 12 बजते ही खाना जादुई तरीके से खराब हो जाएगा. यह सिर्फ एक अनुमानित तारीख है जो निर्माता ने यह बताने के लिए तय की है कि इस समय तक प्रोडक्ट अपनी पीक क्वालिटी पर रहेगा.

कौवेरी हॉस्पिटल के एक्सपर्ट्स का कहना है कि 'बेस्ट बिफोर' डेट के बाद खाना अपने आप खराब नहीं हो जाता, बल्कि उसमें बदलाव धीरे-धीरे आते हैं. बिस्किट में से कुरकुरापन कम होना, चॉकलेट का रंग हल्का सफेद पड़ना या जूस में विटामिन थोड़ा कम होना, लेकिन इसे खाने से आप बीमार नहीं पड़ेंगे.

ऑस्ट्रेलिया की फूड बैंक ऑर्गनाइजेशन की गाइडलाइंस के मुताबिक, बहुत सी चीजें अपनी 'बेस्ट बिफोर' डेट के हफ्तों या महीनों बाद तक भी खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं.

'बेस्ट बिफोर' के बाद खाना खाने से पहले अपनी आंख, नाक और जुबान का इस्तेमाल जरूर करें. अगर खाने का रंग बदल गया हो, उसमें अजीब सी बदबू आ रही हो, फफूंद या फंगस लग गई हो, पैकेट फूल गया हो या खाने का स्वाद अजीब लगे, तो उसे बिना सोचे फेंक दें. अगर ऐसा कुछ नहीं है और प्रोडक्ट देखने और सूंघने में बिल्कुल नॉर्मल लग रहा है, तो उसे बेफिक्र होकर खाया जा सकता है.

डिब्बाबंद खाना, सूखे मसाले, चावल, दालें, पास्ता और नूडल्स जैसी चीजें 'बेस्ट बिफोर' डेट के काफी समय बाद तक भी खराब नहीं होतीं, बशर्ते उनका पैकेट कहीं से फटा या खुला न हो और उन्हें ठंडी और सूखी जगह पर रखा गया हो.

किन चीजों की एक्सपायरी डेट को लेकर बिल्कुल सख्ती बरतें?

कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनके मामले में तारीख को लेकर बिल्कुल भी ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए. इन चीजों पर लिखी 'यूज बाय' या 'एक्सपायरी डेट' को गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है. अगर इनकी तारीख निकल चुकी है तो इन्हें तुरंत फेंक देना चाहिए, भले ही ये देखने में बिल्कुल ठीक लग रही हों:

UH हॉस्पिटल्स क्लीवलैंड के डॉक्टरों का कहना है कि इन चीजों के साथ यह सोचकर जोखिम नहीं लेना चाहिए कि 'देखने में तो ठीक लग रही है.' कई बार खराब खाना देखने और सूंघने में बिल्कुल सामान्य लगता है लेकिन उसमें बैक्टीरिया की तादाद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी होती है.

सेहत की परवाह के साथ खाने की बर्बादी कैसे रोकें?

खाने की बर्बादी रोकने के लिए कुछ आसान से टिप्स अपनाकर आप न सिर्फ अपने पैसे बचा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण की भी मदद कर सकते हैं:

  • खरीदारी करते समय 'बेस्ट बिफोर' डेट जरूर देखें और उसी हिसाब से सामान खरीदें कि आप उसे समय पर खत्म कर पाएंगे या नहीं.
  • फ्रिज और किचन की अलमारी में पुरानी चीजों को आगे और नई चीजों को पीछे रखें, ताकि पहले पुराना सामान इस्तेमाल हो.
  • जो चीजें जल्दी खराब होने वाली हैं उन्हें फ्रीजर में रखकर उनकी उम्र बढ़ाई जा सकती है.
  • खाने की चीजों को हमेशा उनके ओरिजिनल पैकेट में ही रखें और पैकेट खोलने के बाद उसे अच्छी तरह बंद करके स्टोर करें.

सबसे जरूरी बात यह है कि 'बेस्ट बिफोर' और 'एक्सपायरी डेट' या 'यूज बाय' के बीच के फर्क को समझना हर उस इंसान के लिए जरूरी है जो अपनी सेहत के साथ-साथ अपनी जेब और पर्यावरण की भी परवाह करता है. अगली बार जब आपका हाथ किसी ऐसे बिस्किट के पैकेट पर पड़े जिसकी 'बेस्ट बिफोर' डेट कल ही निकली है, तो फेंकने से पहले एक बार रुकिए, पैकेट खोलिए, देखिए, सूंघिए और फिर फैसला लीजिए.