- सरसों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. ऐसे में जिन लोगों, जैसे प्रेग्नेंसी के बाद, बढ़ते हुए बच्चे को या फिर मीनोपोज के बाद महिलाओं को कैल्शियम की ज्यादा जरूरत होती है उन्हें सरसों का साग खाना चाहिए.
- सरसों के साग में विटामिन 'के' पाया जाता है जो कि ब्लड डिस्ऑर्डर को दूर रखता है. विटामिन के ब्लड क्लोटिंग के लिए, लीवर के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है.
- सरसों में ओमेगा 3 फैटी एसिड यानी विटामिन ई पाया जाता है. ये हमारी नर्व्स के लिए, स्किन के लिए और इंटेस्टांइन के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
- सरसों के साग में ड्राई एलिमेंट बहुत ज्यादा होता है और इसमें एयर एलिमेंट भी बहुत ज्यादा होता है. इसलिए हमेशा सरसों के साग को व्हाइट बटर या मक्खन के साथ ही खाना चाहिए. यदि आप बिना मक्खन या व्हाइट बटर के सरसों का साग खाएंगे तो गैस बहुत ज्यादा बनेगी और इन्डायजेशन भी होगा.
- अर्थराइटिस या हार्ट डिजीज वालों को सरसों का साग खाना चाहिए. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बॉडी को एलिमेंट्स फाइट करने में मदद करते हैं.
- ये कॉलेस्ट्रॉल को भी कम करता है और हार्ट को भी हेल्दी रखता है. सरसों के साग में फाइबर की मात्रा भी काफी होती है. ये एक तरह का नैचुरल सोर्स है.
- ये कब्ज की समस्या को भी दूर रखता है और आपको तंदरूस्त बनाता है.
- ये दमे के मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद है.
... तो इस वजह से सरसों का साग खाना चाहिए व्हाइट बटर के साथ!
ABP News Bureau | 27 Dec 2016 10:58 AM (IST)
नईदिल्ली: सर्दियों में सरसों का साग बहुत फायदा करता है. सर्दियों में सरसों का साग आमतौर पर मक्के की रोटी और गुड़ के साथ खाया जाता है. आज डॉ. शिखा शर्मा बता रही हैं सरसों का साग खाने के फायदों के बारे में.