- यहां की धूल दिल्ली के 100 फीसदी प्रदूषण में से 38 फीसदी हिस्सा तो धूल का ही है.
- वही करीबन 20 फीसदी हिस्सा वाहनों से होने वाले प्रदूषण का है.
- 13 फीसदी प्रदूषण एमसीडी और जनेटर जैसे अन्य कारणों की वजह से होता है.
- 12 फ़ीसदी पर्यावरण प्रदूषण हिस्सा घरों से होने वाले प्रदूषण की वजह से होता है.
- इसके बाद 11 फ़ीसदी प्रदूषण को बढ़ाने में योगदान देती है दिल्ली में चल रही फैक्ट्रियां.
- वहीं करीबन 6 फीसदी प्रदूषण में योगदान कंक्रीट बैचिंग देती है.
दिल्ली की धूल पर लग जाये लगाम तो नहीं बनेंगे मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात
ABP News Bureau | 09 Nov 2017 06:02 PM (IST)
क्या इस जहरीली धुंध की वजह सिर्फ पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुंआ ही है?

नई दिल्लीः दिल्ली और एनसीआर बन गया है गैस चैम्बर. डॉक्टरों ने इसे मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात घोषित कर दिए हैं लेकिन इस सबके बीच में सवाल यह भी है कि आखिर क्या इस जहरीली धुंध की वजह सिर्फ पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुंआ ही है? एबीपी न्यूज़ की पड़ताल के दौरान हमारे सामने आई IIT दिल्ली की रिपोर्ट. आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में कहा गया है दिल्ली में प्रदूषण की एक बड़ी वजह है