बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में कई स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिलती हैं, जिनमें प्रोस्टेट से जुड़ी परेशानी भी शामिल है. प्रोस्टेट पुरुषों के प्रजनन तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मूत्राशय के नीचे स्थित होती है और मूत्रमार्ग को घेरता है. उम्र के साथ यह ग्रंथि धीरे-धीरे बड़ी हो सकती है, जिसे प्रोस्टेट का बढ़ना कहा जाता है. यह समस्या आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले पुरुषों में देखने को मिलती है, लेकिन कई मामलों में यह समस्या कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिली है. आमतौर पर इसके लक्षण पेशाब करने में समस्या के रूप में सामने आते हैं, जिन्हें बढ़ती उम्र के लक्षण समझकर नजरअंदाज़ नहीं कर देना चाहिए और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर कि सलाह लेनी चाहिए.

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प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने के 5 संकेत क्या हैं?

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1. कमजोर यूरिन स्ट्रीम:

प्रोस्टेट बढ़ने का सबसे पहला संकेत है पेशाब की धार का कमजोर हो जाना. अगर आपको पेशाब करने में ज़्यादा समय लगता है या पेशाब की धार पहले जैसी तेज नहीं है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि प्रोस्टेट ग्रंथि मूत्रमार्ग पर दबाव डाल रही है, जिससे पेशाब का बहाव कम हो सकता तथा रुक सकता है.

2. मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास:

कई बार पेशाब करने के बाद भी ऐसा लगता है कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है और बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती रहती है. दरअसल, प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने से मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ता है जिससे मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हो पाता, यह प्रोस्टेट बढ़ने का एक लक्षण है. इसके कारण व्यक्ति को बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती रहती है.

3. पेशाब करने में कठिनाई:

कहीं आपके साथ भी ऐसा तो नहीं होता कि पेशाब करने में कुछ ज्यादा समय लगता हो, कई बार पुरुषों को पेशाब करने में परेशानी होती है या काफी समय तक इंतजार करना पडता है, यह प्रोस्टेट कि समस्या हो सकती है. यह स्थिति तब होती है जब बढ़ा हुआ प्रोस्टेट मूत्रमार्ग पर दबाव डालता है, अगर आपको बार-बार इस प्रकार कि समस्या हो रही है, तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज ना करें.

4. रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना (नोक्टूरिया):

अगर आप रात में बार बार उठकर पेशाब करने जाते है, तो यह भी प्रोस्टेट बढ़े हुए होने का संकेत हो सकता है. इससे लोगों की नींद भी पूरी नहीं होती और उनका स्वभाव चिड़चिड़ा रहने लगता है, कई बार लोग इसे एक सामान्य समस्या या बढ़ती हुए उम्र के साथ होने वाली समस्या समझकर समझकर टाल देते हैं.

5. पेशाब का बूंद-बूंद टपकना:

कई बार पेशाब करने के बाद भी कुछ बूंदें टपकती रहती हैं, यह भी प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.

प्रोस्टेट के इलाज का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?

चिकित्सा क्षेत्र में हुई प्रगति ने प्रोस्टेट का इलाज आसान बना दिया है, अब बिना ऑपरेशन के भी सिर्फ दवाइयों से ही इसका इलाज संभव है. आपको यह ध्यान रखना जरुरी है की जैसे ही आपको कोई लक्षण दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज़ न करें, बस जल्द से जल्द किसी यूरोलॉजिस्ट से मिले.

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