Swine Flu: दिल्ली में इस साल H1N1 यानी इन्फ्लूएंजा A वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अगस्त 2026 तक दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू के 1,349 पुष्ट मामले सामने आए हैं. दिल्ली सरकार ने यह आंकड़ा बताया है. रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कुछ अस्पतालों में H1N1 के मरीजों की संख्या बढ़ी है. वहीं बारिश और बदलते मौसम के बीच देश के कुछ इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. स्वाइन फ्लू को इन्फ्लूएंजा A H1N1 भी कहा जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक मानसून का लंबा मौसम, तापमान में उतार चढ़ाव और वायरस की सक्रियता रहने से से इस समय इन्फेक्शन के ज्यादा मामले देखे जा रहे हैं. हालांकि ज्यादातर मरीजों में बीमारी हल्की रहती है और सही देखभाल से वे ठीक हो जाते हैं.

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लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

विशेषज्ञ डॉक्टर के मुताबिक छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में स्वाइन फ्लू गंभीर हो सकता है. पहले से फेफड़ों की बीमारी, दिल की बीमारी, डायबिटीज या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी खास सावधानी बरतने की जरूरत है.2 ऐसे लोगों में सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें ज्यादा हो सकती हैं.

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बुखार और खांसी को न करें नजरअंदाज

डॉक्टर के अनुसार स्वाइन फ्लू होने पर अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, नाक से जुड़ी परेशानी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ज्यादातर मामलों में आराम और लक्षणों के अनुसार इलाज किया जाता है. डॉक्टर जरूरत पड़ने पर शुरुआती समय में ओसेल्टामिविर जैसी एंटीवायरल दवा दे सकते हैं.

दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं

अगर बुखार लगातार बना हुआ है या बढ़ रहा है, सांस लेने में परेशानी हो रही है, ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है, सीने में बेचैनी है या मरीज की हालत तेजी से बिगड़ रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. बहुत ज्यादा नींद आना या असामान्य कमजोरी भी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकती है.

इन बातों का रखें ध्यान

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना, इन्फेक्टिड लोगों से दूरी रखना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना जरूरी है. डॉक्टर की सलाह से फ्लू का टीका भी लगवाया जा सकता है. इन्फेक्टिड होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज लेना जरूरी है.  स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद दवा लेना सही नहीं है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

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