HowtoCheckFattyLiveratHome: आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में न तो खाने का ठिकाना है और न ही आराम का. ऐसे में हमारी जीवनशैली का सबसे पहला असर हमारे लिवरपरपड़ता है. लिवरहमारेशरीरकीसफाई, पाचनऔरऊर्जाकामुख्यकेंद्रहै, अक्सरचुपचापबीमारहोजाताहैऔरहमेंपताभीनहींचलता.
यहएकऐसीस्थितिहै, जिसमेंलिवरमें अधिक चर्बीजमाहोजातीहैऔरधीरे-धीरेयहगंभीररूपलेसकतीहै. इसी पर डॉ. सरीनबतातेहैंकि “फैटीलिवरकोअक्सर 'साइलेंटकिलर' कहाजाताहै, क्योंकिइसकेशुरुआतीलक्षणइतनेसामान्यहोतेहैंकि, हमउन्हेंनजरअंदाज़करदेतेहैं.इसलिए आइएजानतेहैंऐसेसंकेतऔरघरेलूउपायजिनसेआपघरपरहीयहजानसकतेहैंकिआपकोफैटीलिवरहैयानहीं.
ये भी पढ़े- प्रेगनेंसी के दौरान क्यों जरूरी है मखाना? जानिए इसे खाने के फायदे
लगातार थकान रहना
अगर बिना किसी मेहनत के भी आपको दिनभर थकान महसूस होती है, तो यह फैटीलिवर का संकेत हो सकता है। लिवर की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर ऊर्जा नहीं बना पाता.
पेट के ऊपर वाली जगह पर भारीपन
लिवर दाहिनी तरफ होता है, और फैटीलिवर की स्थिति में वहां हलका-फुलका दबाव या भारीपन महसूस हो सकता है.
वजन बढ़ना या पेट निकलना
जब लिवरफैटी हो जाता है, तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इसका असर पेट की चर्बी और वजन पर दिखने लगता है.
खाना पचने में परेशानी और गैस बनना
पाचन बिगड़ना, बार-बार गैस बनना या बदहजमी की शिकायत होना भी लिवर पर अतिरिक्त बोझ का संकेत हो सकता है.
त्वचा या आंखों का पीलापन
अगर लिवर पर बहुत अधिक असर पड़ा है तो हल्का पीलापन भी दिख सकता है, जो कि गंभीर संकेत है.
घर पर कैसे करें देखभाल या जांच
- नींबू पानी और गुनगुना पानी सुबह लेना- यह लिवरडिटॉक्स में मदद करता है.
- तेल और तले हुए भोजन से दूरी बनाएं.
- हर रोज हल्का व्यायाम करें और वजन कंट्रोल में रखें.
- अगर लक्षण लगातार बने रहें, तो ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है.
फैटीलिवर भले ही शुरुआत में चुपचाप बढ़ता है, लेकिन समय रहते अगर इसके लक्षण पहचान लिए जाएं, तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है. अगर आप भी ऊपर बताए गए लक्षणों को खुद में महसूस करते हैं, तो सतर्क हो जाएं.
ये भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में बुखार आने पर कौन सी दवा लेनी चाहिए? जान लीजिए जवाब
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
