आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपर टेंशन लोगों के बीच बढ़ती जा रही है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. उच्च रक्तचाप की समस्या अब बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है. शरीर में खून का बहाव सही तरह से हो, इसके लिए एक सही और निश्चित मात्रा में ब्लड प्रेशर की आवश्यकता होती है. लेकिन हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के दौरान जब खून का बहाव हमारे शरीर की आर्टरी वॉल या दीवार पर ज्यादा मात्रा में पड़ता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है. यह हमारे शरीर के लिए काफी खतरनाक है. अगर यह समस्या बच्चों में होती है, तो शरीर के अंदर कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें जानना बहुत जरूरी है.

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 हाई ब्लड प्रेशर क्या है?

आर्टरी हमारे शरीर में खून की नालियों को कहते हैं. जब खून का दबाव इन नालियों की परतों पर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर में कई तरह की बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा हो जाती है. इन धमनियों या नसों का काम हमारे दिल से निकले तेज दबाव वाले खून को शरीर के अंगों तक ले जाने का होता है. अगर बच्चों में ब्लड प्रेशर उनके शरीर, उम्र और लिंग के हिसाब से ज्यादा हो यानी 95 परसेंटाइल से ऊपर हो, तो इसे बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या माना जाता है. अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो इसके लक्षण पहचानने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि इसके लक्षण आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं. कई बार शरीर भी कोई संकेत नहीं देता, जब तक कि समस्या ज्यादा नहीं बढ़ जाती. बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है.

बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की पहचान

  • चक्कर आना और बेहोशी हाई ब्लड प्रेशर के सबसे आम लक्षणों में से एक है. जब किसी व्यक्ति या बच्चे को चक्कर या बेहोशी की समस्या हो, तो हाई ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करवानी चाहिए. चक्कर और बेहोशी का कारण यह होता है कि दिमाग तक ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाती है.
  • अगर किसी व्यक्ति या बच्चे को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द होना भी शामिल है. यह एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ा सिरदर्द लगातार हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
  • पेरेंट्स को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए कि खेलते समय या कोई शारीरिक काम करते समय उन्हें सांस लेने में परेशानी तो नहीं हो रही है. अगर बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
  • पेरेंट्स या माता-पिता को बच्चों की आंखों पर भी ध्यान देना चाहिए. अगर बच्चे को धुंधला दिखाई देता है या देखने में कोई परेशानी आ रही है, तो यह हाई ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है. उच्च रक्तचाप आंखों की रेटिना पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.