Are GLP-1 Weight Loss Drugs Safe Without Prescription: भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही वेट लॉस दवाओं को लेकर अब बड़ा अलर्ट जारी किया गया है. खासतौर पर GLP-1 ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1 दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल पर एक्सपर्ट ने चिंता जताई है. मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. नरेश त्रेहान  ने बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं के इस्तेमाल को खतरनाक बताया है, उनका कहना है कि ये दवाएं लाइफस्टाइल प्रोडक्ट नहीं हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बनाई गई हैं. 

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दरअसल, हाल ही में इन दवाओं का पेटेंट खत्म होने के बाद भारत में इनके सस्ते जेनेरिक वर्जन बड़ी संख्या में उपलब्ध हो गए हैं. इसके चलते ऑनलाइन फार्मेसी और वेलनेस क्लीनिक के जरिए इनकी बिक्री तेजी से बढ़ी है. सोशल मीडिया पर तेजी से वजन घटाने के ट्रेंड ने भी इसकी मांग को और बढ़ा दिया है, जिससे लोग बिना पूरी जानकारी के इनका इस्तेमाल करने लगे हैं. 

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सरकार ने सख्ती की

सरकार ने इस बढ़ते चलन को देखते हुए सख्ती शुरू कर दी है. देशभर में 49 जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें वेयरहाउस, मेडिकल स्टोर और वेलनेस सेंटर शामिल थे. जांच में सामने आया कि कई जगहों पर ये दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा रही थीं या नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था. इसके बाद ड्रग रेगुलेटर ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

डॉ. नरेश त्रेहान के मुताबिक, ये दवाएं वजन कम करने में असरदार जरूर हैं, लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी कम नहीं हैं. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति खुद से दवा लेना शुरू कर देता है, तो उसके लिए जोखिम काफी बढ़ सकता है.डॉ. त्रेहान ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की दवाएं ओवर-द-काउंटर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध नहीं होनी चाहिए. उनके अनुसार, कई लोग इसे आसान तरीका मानकर बिना एक्सरसाइज या डाइट के वजन कम करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है. इन दवाओं के दुष्प्रभावों में पैंक्रियाटाइटिस, मितली, उल्टी और लीवर पर असर जैसी समस्याएं शामिल हैं, जो गंभीर रूप ले सकती हैं.

 

लोगों को भी रखना चाहिए ध्यान

डॉ. त्रेहान ने कहा कि मरीजों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें. उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि सेल्फ-मेडिकेशन से बचें और किसी भी इलाज के लिए एक्सपर्ट की निगरानी को प्राथमिकता दें, ताकि संभावित खतरों से बचा जा सके. सरकार अब इन दवाओं के प्रचार-प्रसार पर भी लगाम लगाने की तैयारी कर रही है. खासकर सरोगेट एडवरटाइजिंग और गलत तरीके से प्रमोशन करने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे. इसके साथ ही यह भी प्रस्ताव है कि इन दवाओं को केवल एक्सपर्ट डॉक्टर ही लिख सकें.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.