Difference Between Meet And Beef: आप नॉनवेज लवर हैं तो नॉनवेज से जुड़ी कुछ बेसिक जानकारी होना बेहद जरूरी है. खासतौर से तब और भी ज्यादा जब आप चिकन और मटन के अलावा भी नॉनवेज पसंद करते हों. नॉनवेज खाने वाले अक्सर मीट्स के अलग अलग टाइप को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. वो मीट खाना चाहते हैं या बीफ खाना चाहते हैं, इसका कंफ्यूजन कई बार उन्हें गलत डिश खाने पर मजबूर कर देता है. होटल या रेस्टोरेंट में सही शब्द के साथ ऑर्डर न देने पर आपको कोई और किस्म का नॉनवेज मिल सकता है. इसलिए मीट और बीफ का डिफरेंस जान लेना बहुत जरूरी है.

 

ये है अंतर

नॉनवेज में मीट का टर्म एक बड़े किस्म की वैरायटी है. जिसमें कई अलग अलग तरह के नॉनवेज शामिल होते हैं. एनिमल फ्लेश को इस कैटेगरी में रखा जाता है. इस कैटेगरी में पिग्स, कैटल्स और लैम्बस का मीट शामिल होता है. फिश, सीफूड और पॉल्ट्री को मीट की कैटेगरी में नहीं रखा जाता है. जबकि बीफ एक खास किस्म का ही मीट होता है. काऊ, बुल्स और कैटल्स के मीट को ही बीफ कहते हैं. पोर्क और पॉल्ट्री के बाद ये दुनियाभर में खाया जाने वाला तीसरा सबसे पॉपुलर मीट है. 

 

मीट खाने के फायदे

मीट किसी भी किस्म का हो, वो प्रोटीन रिच डाइट में शामिल होता है. इसे सूप फॉर्म में, स्नेक्स फॉर्म में या करी बनाकर खाया जाता है. मीट खाने से हेल्दी वेट गेन किया जा सकता है. जिन लोगों को किसी भी किस्म की शारिरिक कमजोरी या फिर इम्यूनिटी से संबंधित परेशानी होती है. उनके लिए मीट खाना फायदेमंद होता है. लेकिन जिन्हें वजन घटाना हो, कोलेस्ट्रोल या हार्ट से संबंधित परेशानी होती है उन्हें सीमित मात्रा में ही मीट का सेवन करने की सलाह दी जाती है.