Alzheimer And Dementia: डिमेंशिया एक बहुत आम मानसिक बीमारी है. आंकड़ों की माने तों हर 5 में से 1 व्यक्ति को जीवनकाल में कभी भी डिमेंशिया हो सकता है. पूरी दुनिया में लगभग 50 मिलियन लोग यानी इन्हें लाख में गिने तो 500 लाख लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं. जिन लोगों को डिमेंशिया होता है, उनमें से 70 प्रतिशत लोगों को अल्जाइमर की समस्या होती है. यानी आप इन दोनों बीमारियों को इस तरह समझ सकते हैं कि डिमेंशिया एक बड़ी बीमारी है, जिसके कई प्रकार होते हैं और अल्जाइमर इन सभी प्रकार में से एक है.
यानी अल्जाइमर डिमेंशिया बीमारी का ही एक रूप है, जो इसके अन्य रूपों की तुलना में ज्यादातर लोगों में पाया जाता है. अब सबसे पहले आप डिमेंशिया के प्रकार जान लीजिए या कहिए कि उन बीमारियों के नाम जान लीजिए, जो डिमेंशिया के अंतर्गत आती हैं...
- वस्कुलर डिमेंशिया
- लेवी बॉडी डिमेंशिया
- फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया
- पार्किंसंस रोग
- हनटिंग्टन रोग
- अल्जाइमर
डिमेंशिया के लक्षण
- याददाश्त का कमजोर होना
- बातचीज करने में दिक्कत
- भाषा संबंधी दिक्कते आना
- रीजनिंग और जजमेंट कमजोर होना
- दिखाई दे रही चीजों में तारतम्यता ना होना
डिमेंशिया के दौरान जब व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होती है तो वह छोटी-छोटी चीजें भूलने लगता है. जैसे, गाड़ी की चाबी रखकर भूल जाना, पार्किंग में गाड़ी किधर पार्क की थी ये भूल जाना. कभी-कभी तो ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है लेकिन डिमेंशिया का लक्षण यही है कि पीड़ित व्यक्ति के साथ बार-बार या हर बार ऐसा होने लगता है.
अल्जामर की पहचानअल्जाइमर की समस्या होने पर आप लेटेस्ट इंफॉर्मेशन को भी भूलने लगते हैं. जैसे, आपको अभी कुछ बताया गया है और कुछ देर बाद आप फिर से वही बात पूछ रहें हैं. आपको दोबारा बता दिया जाता है लेकिन आप फिर भूल जाते हैं थोड़ी देर बार फिर वही बात दोहराते हैं. इस तहर की दिक्कत बार-बार होना या हमेशा ऐसी स्थिति का सामना करना.
इलाज क्या है?
अभी तक की जानकारी के आधार पर, डिमेंशिया का कोई पुख्ता इलाज फिलहाल संभव नहीं है. लेकिन कुछ ऐसी दवाएं हैं, जो इस बीमारी के हर प्रकार के लक्षण को नियंत्रित रखने का काम करती हैं. इनके सेवन से व्यक्ति का दैनिक जीवन और सामाजिक जीवन काफी हद तक बेहतर बना रहता है और उसमें व्यवहार संबंधी समस्याएं ज्यादा नहीं बढ़ती हैं.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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