Chicken Vs Egg Vs Paneer: अगर आप मसल्स बनाना चाहते हैं, तो सिर्फ जिम में पसीना बहाना काफी नहीं है. असली बदलाव आपकी डाइट में होता है. मसल्स तभी बढ़ते हैं जब उनको सही प्रोटीन मिले, जो रिकवरी में मदद करता है, ग्रोथ बढ़ाता है और शरीर को मजबूत रखता है.  लेकिन इतनी सारी प्रोटीन वाली चीजों में से कैसे पता चले कि आपके लिए सबसे बेहतर क्या है? हर प्रोटीन एक जैसा नहीं होता. कुछ प्रोटीन ऐसे होते हैं जिसे शरीर जल्दी और ज्यादा अच्छी तरह ऑब्जर्व कर लेता है. आप वेज हों, नॉन-वेज पसंद करते हों या प्लांट-बेस्ड डाइट पर हों. चलिए आपको बताते हैं कि  मसल्स बढ़ाने के लिए कौन-सी प्रोटीन फूड्स सबसे ज्यादा कारगर हैं.

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मसल्स बढ़ाने के लिए बेस्ट प्रोटीन-रिच फूड्स

अंडे

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इसमें सबसे पहला नाम अंडे का आता है, अंडा प्रोटीन का जबरदस्त सोर्स है. इसमें नौ तरह के जरूरी अमीनो एसिड होते हैं जो मसल्स बनाने में सीधे काम आते हैं. इसकी जर्दी में मौजूद हेल्दी फैट्स और B12 जैसी चीजें ऊर्जा और रिकवरी में मदद करती हैं. चाहे उबला हुआ खाएं, ऑमलेट बनाएं या स्क्रैम्बल अंडे हर तरह फायदेमंद हैं.

चिकन और लीन मीट

अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो चिकन  मसल्स बनाने के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है. प्रोटीन ज्यादा, फैट कम और शरीर आसानी से इसे इस्तेमाल कर लेता है. इसके अलावा मटन और मछली भी शानदार विकल्प हैं, जिनमें प्रोटीन के साथ आयरन और ओमेगा-3 भी मिलता है, जो मसल रिकवरी में मदद करता है.

पनीर

भारतीय रसोई का अहम हिस्सा पनीर. यह केसिन प्रोटीन से भरा होता है. यह धीरे-धीरे डाइजेस्ट होता है, जिससे लंबे समय तक मसल्स टूटने नहीं देता. इसे सब्जी में डालें, टिक्का बनाएं या सलाद में मिलाएं, प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है.

सप्लीमेंट्स की मदद कब लें?

ज्यादातर प्रोटीन आपको खाने से ही लेना चाहिए, लेकिन कभी-कभी डाइट में कमी रह जाए तो सप्लीमेंट्स काम आ सकते हैं. चाहे वे प्लांट-बेस्ड हों या व्हे. बस एक बात का ध्यान रखें कि उनमें ऐडिटिव्स कम हों और अमीनो एसिड प्रोफाइल पूरा हो.

प्रोटीन का असर कैसे बढ़ाएं?

अब सवाल आता है कि प्रोटीन का असर कैसे बढ़ाएं. चलिए आपको इसको लेकर कुछ सुझाव देते हैं कि इसके लिए बेस्ट क्या हो सकता है. 

दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाएं

सारा प्रोटीन एक बार में खाने के बजाय सुबह, दोपहर और रात में बांटकर खाएं। इससे शरीर उसे बेहतर उपयोग करता है.

स्मार्ट कॉम्बो बनाएं

जैसे दाल प्लस चावल या रोटी प्लस दाल. दो अलग प्लांट-प्रोटीन मिलकर पूरा अमीनो एसिड प्रोफाइल बनाते हैं.

वर्कआउट के बाद प्रोटीन लें

जिम के 30 से 60 मिनट के भीतर प्रोटीन लेने से रिकवरी तेज होती है. 

पानी खूब पिएं

ज्यादा प्रोटीन डाइट में पानी की जरूरत भी बढ़ जाती है. हाइड्रेशन से पाचन और न्यूट्रिएंट्स का अब्जॉर्ब बेहतर होता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.