जैसे जैसे उम्र बढ़ती है तो कुछ बीमारियां धीरे-धीरे शरीर का हिस्सा बनने लगती हैं. महिलाओं में बीमारियों का खतरा थोड़ा ज्यादा रहता है. ऐसी स्थिति में महिलाओं को अपने शरीर की खास देखभाल की जरुरत होती है. इस खास देखभाल में खाने-पीने का विशेष ध्यान रखने के साथ ही बॉडी चेकअप भी शामिल है. ऐसे में महिलाओं को समय समय पर अपना बॉडी चेकअप करवाते रहना चाहिए, जिससे अगर कोई बीमारी पनप रही है तो उसका समय पर ही पता चल जाता है और समय पर इलाज संभव रहता है. 

तो आज हम आपको बता रहे हैं कि महिलाओं को बॉडी चेकअप में कौन कौन से टेस्ट करवाते रहने चाहिए, जिससे कोई भी बीमारी के बारे में आपको समय पर पता चल सके. 

मैमोग्राम50 साल से ज्यादा या स्तन कैंसर के लिए अधिक जोखिम वाली महिलाओं को हर एक से दो साल में मैमोग्राम करवाना चाहिए.

पैप स्मीयरसर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए महिलाओं को हर तीन साल में पैप स्मीयर करवाना चाहिए. 

बोन डेंसिटी टेस्ट65 साल से अधिक उम्र की महिलाओं या ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम वाले कारकों वाली युवा महिलाओं को बोन डेंसिटी टेस्ट करवाना चाहिए.

कोलेस्ट्रॉल और लिपिड पैनलमहिलाओं को अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित जांच करानी चाहिए. 45 साल या उससे पहले की उम्र में यह जरूरी हो जाता है. 

ब्लड ग्लूकोज टेस्टमहिलाओं को 45 साल की उम्र में या इससे पहले नियमित रुप से अपनी डायबिटीज चेक करवाते रहना चाहिए. अगर उनमें मोटापा या मधुमेह का पारिवारिक इतिहास रहा है तो इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए. 

ब्लड प्रेशर की जांचहाई ब्लड प्रेशर की जांच भी हर व्यक्ति को जरूरी है और महिलाओं को 18 साल की उम्र से नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए. 

कोलोरेक्टल कैंसर स्क्रीनिंगमहिलाओं को कोलोरेक्टल कैंसर के लिए स्क्रीनिंग 50 साल की उम्र में या इससे पहले शुरू कर देनी चाहिए. अगर परिवार में इसकी हिस्ट्री हो तो इसका खास ध्यान रखना चाहिए.

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