Does Overboiling Make Tea Taste Bitter:'फिर कहीं बैठ के पी जाए इकट्ठे चाय, फिर कोई शाम का पल साथ गुज़ारा जाए'... ईमान क़ैसरानी की ये लाइनें सिर्फ लाइन नहीं है, बल्कि उन करोड़ों हिंदुस्तानियों के जज्बात बयां करती हैं, जो चाय को अपना इश्क समझते हैं. 21 मई को दुनियाभर में इंटरनेशनल टी डे मनाया जाता है. हमारे देश में चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की आदत और इमोशन का हिस्सा है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या चाय को ज्यादा देर तक उबालने से उसका स्वाद कड़वा हो जाता है? एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसका जवाब हां भी है और नहीं भी, क्योंकि यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि चाय किस तरह बनाई जा रही है.
क्या है चाय उबालने की तकनीक?
दरअसल, चाय का स्वाद सिर्फ चायपत्ती पर नहीं, बल्कि पानी के तापमान, उबालने के समय और ब्रूइंग तकनीक पर भी निर्भर करता है. चाय की पत्तियों में पॉलीफेनॉल्स, कैफीन और कई तरह के प्राकृतिक कंपाउंड्स मौजूद होते हैं. जब इन्हें बहुत ज्यादा गर्म पानी में लंबे समय तक उबाला जाता है, तो ये कंपाउंड्स तेजी से बाहर आने लगते हैं. यही वजह है कि चाय का स्वाद ज्यादा स्ट्रॉन्ग और कई बार कड़वा हो जाता है.
क्यों चाय में आ जाती है कड़वाहट?
चाय के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट orientaleaf की रिपोर्ट के अनुसार, चाय को जरूरत से ज्यादा खौलाने पर ओवर-एक्सट्रैक्शन होने लगता है. यानी चायपत्ती से जरूरत से ज्यादा तत्व निकलने लगते हैं, जिससे उसकी नेचुरल मिठास कम हो जाती है और कड़वाहट बढ़ने लगती है. खासतौर पर ग्रीन टी और व्हाइट टी जैसी हल्की चाय में यह असर ज्यादा महसूस होता है.
ज्यादा उबालने से क्या होती है दिक्कत?
वहीं ब्लैक टी और मसाला चाय जैसी स्ट्रॉन्ग टी को थोड़ा ज्यादा उबालने पर उनका फ्लेवर और गहरा हो सकता है. यही वजह है कि भारतीय मसाला चाय को दूध, चीनी और मसालों के साथ कुछ देर तक उबालकर बनाया जाता है. लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसमें भी बैलेंस जरूरी है, क्योंकि बहुत ज्यादा देर तक उबालने पर खुशबू और स्वाद दोनों खराब हो सकते हैं.
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क्या हैं चाय बनाने के तरीके?
टी एक्सपर्ट्स बताते हैं कि स्टीपिंग और बॉयलिंग दोनों अलग तरीके हैं. स्टीपिंग में चायपत्ती को सिर्फ गर्म पानी में कुछ मिनट के लिए डुबोया जाता है, जिससे उसका हल्का और नैचुरल फ्लेवर बना रहता है. वहीं बॉयलिंग में चाय को सीधे खौलते पानी में पकाया जाता है, जिससे उसका स्वाद ज्यादा तेज हो जाता है. एक और दिलचस्प बात यह है कि बार-बार उबाले गए पानी से बनी चाय का स्वाद भी बदल सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, दोबारा उबाले गए पानी में ऑक्सीजन कम हो जाती है, जिससे चाय का स्वाद फीका और कम फ्रेश महसूस हो सकता है.
चाय को बेहतर स्वाद देने के लिए एक्सपर्ट्स सही पानी, सही तापमान और सही समय का ध्यान रखने की सलाह देते हैं. ग्रीन टी को कम तापमान पर और कम समय तक बनाना बेहतर माना जाता है, जबकि ब्लैक टी और मसाला चाय थोड़ी ज्यादा देर तक उबालने पर भी अच्छा स्वाद दे सकती हैं.
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