What Himalayan Villagers Eat For Breakfast: हिमालयी क्षेत्रों में सुबह का नाश्ता सिर्फ भूख मिटाने के लिए नहीं होता, बल्कि पूरे दिन की एनर्जी जुटाने का जरिया भी माना जाता है. ऊंचे पहाड़, ठंडा मौसम, लंबी पैदल यात्राएं और कठिन लाइफस्टाइल यहां के लोगों के खानपान को खास बनाती हैं. यही वजह है कि नेपाल, तिब्बत, सिक्किम और हिमालयी क्षेत्रों के गांवों में नाश्ते की थाली में ऐसे व्यंजन शामिल होते हैं जो शरीर को गर्म रखने के साथ लंबे समय तक ऊर्जा भी देते हैं. 

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कैसे होती है लोगों के दिन की शुरुआत?

हिमालयी इलाकों में दिन की शुरुआत अक्सर बटर टी से होती है. तिब्बती संस्कृति में इसे पो चा या गुर-गुर चा के नाम से जाना जाता है. चाय, मक्खन और नमक से तैयार यह पेय सामान्य चाय से काफी अलग होता है. इसकी गाढ़ी बनावट और ऊंची कैलोरी ठंडे मौसम में शरीर को गर्म रखने में मदद करती है. पहाड़ों में रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि दिनभर की मेहनत के लिए ऊर्जा का सोर्स भी है. 

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सेल रोटी 

नेपाल और नेपाली समुदायों में सेल रोटी काफी लोकप्रिय नाश्ता है. चावल के आटे से बनी यह गोलाकार और हल्की कुरकुरी रोटी त्योहारों और खास मौकों पर विशेष रूप से बनाई जाती है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम सेल रोटी को अक्सर चाय, आलू की सब्जी या अचार के साथ खाया जाता है. यह स्वाद और परंपरा का अनोखा मेल मानी जाती है. 

ठंडे पहाड़ी इलाकों में क्या खाते हैं लोग?

ठंडे पहाड़ी इलाकों में थुकपा भी सुबह के भोजन का हिस्सा हो सकता है. नूडल्स, सब्जियों और कई बार मांस से तैयार यह गर्मागर्म सूप शरीर को अंदर तक गर्माहट देता है. कड़ाके की ठंड में रहने वाले लोगों के लिए थुकपा सिर्फ भोजन नहीं बल्कि ठंड से लड़ने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका है. 

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गुंद्रुक का भी खास महत्व

हिमालयी रसोई में गुंद्रुक का भी खास महत्व है. यह सरसों या मूली के पत्तों को किण्वित और सुखाकर तैयार किया जाता है. इसका खट्टा स्वाद भारी भोजन के साथ संतुलन बनाने का काम करता है. सर्दियों के मौसम में यह विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है क्योंकि इससे लंबे समय तक हरी सब्जियों का स्वाद और पोषण दोनों बनाए रखे जा सकते हैं.

पर्वतीय क्षेत्रों का पारंपरिक नाश्ता

धिंडो भी नेपाल और सिक्किम के कई पर्वतीय क्षेत्रों का पारंपरिक नाश्ता है. इसे बाजरा, मक्का या कुट्टू के आटे को उबलते पानी में पकाकर तैयार किया जाता है. धिंडो को दाल, अचार, सब्जी या गुंद्रुक के साथ खाया जाता है. यह पौष्टिक होने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है.

 याक या गाय के दूध से बनने वाला पारंपरिक हिमालयी चीज

इसके अलावा चुरपी, जो याक या गाय के दूध से बनने वाला पारंपरिक हिमालयी चीज है, और तिब्बती ब्रेड जैसे खाद्य पदार्थ भी सुबह के भोजन में शामिल होते हैं. देखने में साधारण लगने वाले ये व्यंजन ऊर्जा से भरपूर होते हैं.

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