नई दिल्ली: 07 अगस्त को रक्षाबंधन है. देशभर में लोग इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार करते है. आखिर ये भाई-बहन का त्योरहार जो है. हर साल महिलाएं अपने भाईयों के लिए सुंदर और आकर्षक राखियां खरीदती हैं. इसी के चलते बाजारों में चाइनीज़ राखियों को भी खूब बोलबाला रहता है. इस बार भी चाइनीज़ राखियां मार्केट में मौजूद हैं लेकिन बहुत ही कम मात्रा में. दरअसल, इस साल लोग चाइनीज़ राखियों का ना सिर्फ बहिष्कार कर रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया पर ‘मेड इन चाइना’ की राखियों को ना खरीदने की अपील भी करते नज़र आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट का बहिष्कार- सोशल मीडिया पर चल रहा चाइनीज़ प्रोडक्ट के बहिष्कार का अभियान रक्षाबंधन पर लोग के सिर चढ़कर बोल रहा है. भारत और चीन के बीच गंभीर हालात देखकर लोगों ने ये कदम उठाया है कि इस साल चाइना की राखियों से वे नहीं मनाएंगे रक्षाबंधन का त्योहार. सर्वे के मुताबिक, चाइनीज़ प्रोडक्ट सस्ते हैं लेकिन इंडियन प्रोडक्ट मंहगे होने के बावजूद ज्यादातर भारतीय मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स खरीदना चाह रहे हैं. क्या कहते हैं दुकानदार- आगरा के दुकानदार मुकेश लालवानी का कहना है कि चाइना हमारे पैसे लेकर हमें ही धमकी दे रहा है तो हम चाइना का समान खरीद कर उनका फायदा क्यों कराएं. इस बार राखी बेचने वाले दुकानदारों ने चाइनीज़ समान नहीं रखा है और ग्राहक भी मेड इन इंडिया राखी की डिमांड कर रहे है. मुकेश का कहना है कि ये सच है कि इंडियन समान में चाइनीज़ समान से ज्या दा मार्जिन कम होता है लेकिन इस बार हम देश की खातिर ‘मेड इन इंडिया’ राखी ही बेच रहे हैं. वही वाराणसी के एक व्यक्ति का कहना है कि चाइनीज़ राखियां बहुत ही कम बिक रही है, लोगों को उन्हें खरीदनें में कोई दिलचस्पी नहीं है. ये है राखी को मुर्हुत- आपको बता दें, इस बार राखी का मुर्हुत भी कुछ ही घंटों का है. रक्षाबंधन 07 अगस्त को सुबह 11.05 से दोपहर 01.52 के बीच सेलिब्रेट किया जाएगा.