मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल चेहरे से अतिरिक्त तेल हटाने और त्वचा को साफ रखने के लिए किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी भी एक्सपायरी डेट होती है? शुद्ध मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक खनिज है, इसलिए सूखे और साफ तरीके से रखे जाने पर यह लंबे समय तक इस्तेमाल करने लायक रहती है. पर  इस्तेमाल से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है.

Continues below advertisement

क्या मुल्तानी मिट्टी की एक्सपायरी डेट होती है?

शुद्ध और बिना किसी दूसरे पदार्थ के मिली मुल्तानी मिट्टी की कोई एक तय एक्सपायरी अवधि नहीं होती. इसकी गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि इसे कैसे पैक किया गया है और किस तरह रखा गया है. वहीं, बाजार में मिलने वाले पैक्ड प्रोडक्ट में खुशबू, हर्बल सामग्री या दूसरे तत्व मिले होते हैं. ऐसे में पैक पर लिखी एक्सपायरी डेट या निर्माता के निर्देशों का पालन करें. 

इन संकेतों से पहचानें खराब मुल्तानी मिट्टी

मुल्तानी मिट्टी में नमी जाने पर गांठें बन जाती हैं. अगर पाउडर में असामान्य  गांठें दिखे, अजीब गंध आए या रंग और बनावट में बदलाव दिखाई दे, तो सावधानी बरतें. मिट्टी पर फफूंद या किसी तरह के दाग दिखाई देने पर इसका इस्तेमाल न करें. ध्यान रखें कि सिर्फ गांठें पड़ना खराब होने का पक्का सबूत नहीं है, लेकिन नमी या गंदगी के दूसरे संकेतों के साथ ऐसा होने पर इसे फेंक देना बेहतर है.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें : पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, छाती की गांठ को न करें नजरअंदाज 

मुल्तानी मिट्टी को कैसे रखें सुरक्षित?

मुल्तानी मिट्टी को हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट डिब्बे में रखें. इसे बाथरूम जैसी नमी वाली जगह पर रखने से बचें. डिब्बे से मिट्टी निकालने के लिए सूखे और साफ चम्मच का इस्तेमाल करें. इससे पानी और गंदगी अंदर जाने का खतरा कम होता है. अगर आपने मुल्तानी मिट्टी में पानी, गुलाब जल या कोई दूसरी चीज मिलाकर पेस्ट बनाया है, तो उसे लंबे समय तक संभालकर न रखें. बिना प्रिजर्वेटिव वाले गीले पेस्ट में बैक्टीरिया पनपते हैं, इसलिए हर बार जरूरत के हिसाब से ताजा पेस्ट बनाना बेहतर है.

चेहरे पर लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर जांच लें. अगर जलन, खुजली या लालिमा हो, तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें. इसे लगाने के बाद त्वचा में खिंचाव या ज्यादा रूखापन महसूस हो, तो इस्तेमाल कम करें या बंद कर दें. सेंसटिव और पहले से रूखी त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए. मुल्तानी मिट्टी को आंखों के आसपास लगाने से बचें और किसी भी तरह की असामान्य प्रतिक्रिया होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें.

यह भी पढ़ें :Ayushman Bharat: अब 'आयुष्मान' में ही होंगे हार्ट-लिवर और लंग्स ट्रांसप्लांट! यह सरकार कर रही तैयारी