LIVE Updates: सोनभद्र हत्याकांड पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाऊंगी, सरकार जेल में डालना चाहे तो मैं तैयार हूं- प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी सोनभद्र में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही थीं और इस दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक धारा 144 लागू होने के चलते प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया.
ABP News BureauLast Updated: 19 Jul 2019 10:17 PM
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सोनभद्र हत्याकांड को लेकर राजनीति गर्म हो चली है और अब इस मामले में कांग्रेस के दावे के मुताबिक प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने की खबर आ रही है....More
सोनभद्र हत्याकांड को लेकर राजनीति गर्म हो चली है और अब इस मामले में कांग्रेस के दावे के मुताबिक प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने की खबर आ रही है. दरअसल कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी सोनभद्र में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही थीं और इस दौरान उन्हें रोका गया है. रोके जाने के बाद वो कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गई हैं.क्या है मामला?सोनभद्र में घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से खरीदी गई 90 बीघा जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर जमीन जोतने की कोशिश की. विरोध करने पर उसकी तरफ के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. इस वारदात में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी. एक घायल ने बाद में दम तोड़ दिया. 18 अन्य जख्मी हो गए.प्रशासनिक अधिकारी गुरुवार शाम लगभग पांच बजे मृतकों के शव लेकर उभ्भा गांव पहुंचे. शवों को देखते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. शवों को दफ़नाने के स्थान को लेकर प्रशासन एवं ग्रामीणों में विवाद की स्थिति पैदा हो गई. गांव वालों की मांग थी कि जहां गोली चली है, शवों को उसी ज़मीन में दफ़नाया जाए जबकि प्रशासन का कहना था कि परम्परागत स्थान पर ही दफ़नाया जाएगा. अंतत: देर रात मामले में गतिरोध समाप्त हो गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी जिद छोड़ने के लिए मना लिया.
प्रियंका गांधी ने लगातार कई ट्वीट किए हैं और उनमें लिखा है कि मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूँ। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है। उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है। प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’। मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है।बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ.मगर इसके बावजूद उप्र सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है। जनता सब देख रही है। मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूँ और इसे देने को तैयार नहीं हूँ। मेरी साफ माँग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय। सरकार को जो उचित लगे वह करे। अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ।