गुजरात में आया नहीं वायु तूफान, बारिश, तेज हवा और उफनती लहरों का खतरा बरकरार
Cyclone Vayu: गुजरात में चक्रवाती तूफान वायु की आहट सुबह से दिखाई दे रही है. आज सुबह पोरबंदर में समुद्र में लहरें उठती दिखाई दी. तूफान को देखते हुए ऐहतियातन करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.
ABP News BureauLast Updated: 13 Jun 2019 07:40 PM
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चक्रवाती तूफान 'वायु' आज दोपहर में गुजरात में द्वारका और वेरावल के बीच टकरायेगा. वायु बेहद गंभीर की श्रेणी में आ गया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 155-165 किमी/घंटा...More
चक्रवाती तूफान 'वायु' आज दोपहर में गुजरात में द्वारका और वेरावल के बीच टकरायेगा. वायु बेहद गंभीर की श्रेणी में आ गया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 155-165 किमी/घंटा तक हो सकती है जो 180 तक पहुंच सकता है. तट से टकराने के 24 घंटे बाद तक इसका असर बने रहने की आशंका है. इसे देखते हुये दस जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.सेना, वायु सेना और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और तटीय जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए तैयार हैं. भारतीय तटरक्षक बल ने चक्रवाती तूफान की स्थिति में बचाव और बचाव के लिए जहाजों और विमानों को तैनात किया है. एनडीआरएफ की 45 सदस्यों वाले राहत दल की करीब 52 टीमें गठित की गई हैं और सेना की दस टुकड़ियों को तैयार रखा गया है. इसके अलावा भारतीय नौ सेना के युद्धपोतों और विमानों को भी तैयार रहने को कहा गया है. करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है.पश्चिम रेलवे ने चक्रवात वायु से होने वाली संभावित आपदा को देखते हुये मुख्यमार्ग की 40 रेलगाड़ियों को रद्द और ऐसी ही 28 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करते हुये कम दूरी पर ही रोक दिया गया है.
पोरबंदर के मछुआरे हालात ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि शाम 8 बजे हाइ टाइड का वक्त है, तूफान के असर से उस वक्त ऊपर तक पानी आ सकता है. मछुआरों को 21 साल पहले का मंजर याद आ रहा है जब तूफान ने काफी तबाही मचाई थी. हालांकि उन्हें तसल्ली है कि तूफान में रास्ता बदल लिया. मछुआरों का कहना है कि तूफान के छू के गुजर जाने भर से भी उनका काफी नुकसान हुआ है और सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए.