पीएम मोदी की मौजूदगी में लोकसभा में गरीब सवर्ण आरक्षण बिल पास
लोकसभा में सवर्ण आरक्षण वाले बिल पर चर्चा शुरू हो गई है. मोदी सरकार ने सर्वणों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने वाला बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया है. सांसदों को तीन पेज का बिल पढ़ने के लिए दिया गया.
ABP News BureauLast Updated: 08 Jan 2019 10:49 PM
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General Category Reservation Live: लोकसभा में सवर्ण आरक्षण वाले बिल पर चर्चा शुरू हो गई है. मोदी सरकार ने सर्वणों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने वाला बिल लोकसभा...More
General Category Reservation Live: लोकसभा में सवर्ण आरक्षण वाले बिल पर चर्चा शुरू हो गई है. मोदी सरकार ने सर्वणों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने वाला बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया है. सांसदों को तीन पेज का बिल पढ़ने के लिए दिया गया.बता दें कि ये संविधान का 124वां संशोधन है. बिल पास करवाने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है, लोकसभा में बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया. इसके साथ ही राज्यसभा का कार्यकाल भी एक दिन के लिए बढ़ाया गया है.क्या कहता है संविधान?संविधान में आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन मौजूदा संविधान के तहत 49.5% से ज्यादा प्रावधान नहीं है अब सरकार को ये प्रस्ताव को लागू करने के लिए संविधान संशोधन करना पड़ेगा और इसके लिए सरकार ने प्रस्ताव को सदन में पेश भी कर दिया है. अनुच्छेद 368 के मुताबिक संविधान में संशोधन किया जा सकता है। संविधान संशोधन के लिए दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत चाहिए.यह भी पढ़ें-IN DEPTH: संसद में अपने दम पर संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं करा पाएगी मोदी सरकारCBI विवाद: SC के फैसले पर बोले राहुल- वर्मा राफेल की जांच करने वाले थे इसलिए हटाया, मोदी को कोई नहीं बचा सकताCBI विवाद: खत्म हुई CBI निदेशक की छुट्टी, लेकिन खतरे की तलवार बरकरारराहुल गांधी ने दिया संकेत, उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ सकती है कांग्रेस
: रामदास आठवले ने कहा है कि आज मुझे बहुत अच्छा हो रहा है फील, क्योंकि लोकसभा में पास हो रहा है ये बिल, नरेन्द्र मोदी जी की मजबूत हो रही है हील, क्योंकि राफेल में नहीं है कोई गलत डील, नरेन्द्र मोदी जी का था अच्छा लक्षण, इसलिए मिल रहा है गरीबों को आरक्षण.
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि मैं पार्टी की तरफ से इस बिल का समर्थन कर रहा हूं लेकिन इस बिल को लाने पर सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा होता है. सरकार आखिरी समय में ही क्यों ये बिल लेकर आई है. इस बिल को पेश करने की समयसीमा पर सवाल खड़ा होता है. सरकार की नीयत पर हमें भरोसा नहीं है.
भगवंत मान ने कहा है कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं, लेकिन अगर उनकी नीयत सही है तो इसे पास कराएं. लेकिन ये बिल राज्यसभा से पास नहीं होगा. मान ने कहा कि बीजेपी भारतीय जुमला पार्टी है.
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा है कि अगर बीजेपी के दिल में गरीबों के लिए सम्मान होता तो वह पहले साल के पहले सेशन में बिल लेकर आती लेकिन वह अब लेकर आई जब चुनाव होने वाले है. ये एक चुनावी स्टंट है. ये एक जुमला है.
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा है कि अगर बीजेपी के दिल में गरीबों के लिए सम्मान होता तो वह पहले साल के पहले सेशन में बिल लेकर आती लेकिन वह अब लेकर आई जब चुनाव होने वाले है. ये एक चुनावी स्टंट है. ये एक जुमला है.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि मेरे लिए आज होली, दशहरा और दीवाली जैसा दिन है. मेरी जाति के लिए आज त्योहार है. मोदी सरकार की तरफ से पिछड़ों के लिए ये बड़ा कदम है.
लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी ने बिल का विरोध किया है. संसद में पार्टी नेता जय प्रकाश नारायण यादव ने कहा है कि पिछड़ों को 85 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. सवर्ण आरक्षण एक धोखा है.
रामविलास पासवान ने मांग की है कि 10 फीसदी आरक्षण को 9वीं सूची में डाला जाए. उन्होंने यह भी कहा है कि प्राइवेट सेक्टर में भी 60 फीसदी आरक्षण होना चाहिए.
रामविलास पासवान ने कहा है कि मुझे सरकार के इस फैसले से बहुत खुशी है. मैं अरूण जेटली का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने सदन में इस बिल से होने वाले लाभ के बारे बताया है.
बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सभी को समान हक समान शिक्षा मिलनी चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि राष्ट्रपति के बेटे को उच्छ शिक्षा मिले और चपरासी के बेटे को नहीं. हम सभी के समान हक की बात करते हैं.
बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सभी को समान हक समान शिक्षा मिलनी चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि राष्ट्रपति के बेटे को उच्छ शिक्षा मिले और चपरासी के बेटे को नहीं. हम सभी के समान हक की बात करते हैं.
चर्चा के दौरान सदन में अरूण जेटली ने कम्युनिस्ट पार्टियों पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा है कि ये इतिहास में पहला मामला होगा जब सरकार गरीबों के लिए कुछ करने जा रही है और कम्युनिस्ट इसका विरोध कर रहे हैं.
जेटली ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ स्पष्ट किया है कि 50 फीसदी आरक्षण की लिमिट केवल जातिगत आरक्षण के लिए है. बिल संसद से पास होने के बाद आऱक्षण 50 फीसदी से ज्यादा हो सकता है.
जेटली ने कहा है कि नरसिम्हा राव सरकार ने भी आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की थी. 50 फीसदी की लिमिट की धारणा गलत है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उलंघ्न नहीं है.
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत बोल रहे हैं. गहलोत ने कहा है कि एससी-एसटी और ओबीसी व्यवस्था को छेड़ा नहीं जाएगा. गरीब सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा.
बिल पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि आरक्षण को लेकर अभी तक सही रास्तों से कोशिश नहीं हई थी. उन्होंने कहा है कि इस बिल को लेकर राज्यों की विधानसभाओं में जाने की जरूरत नहीं है.
बिल पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि आरक्षण को लेकर अभी तक सही रास्तों से कोशिश नहीं हई थी. उन्होंने कहा है कि इस बिल को लेकर राज्यों की विधानसभाओं में जाने की जरूरत नहीं है.
आरक्षण पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि ये उन लोगों को बहुत राहत देगा, जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रु से कम है. उन्होंने कहा कि शिक्षा और नौकरियों में इस आरक्षण से करोड़ों युवाओं को लाभ होगा. एससी, एसटी और ओबीसी के लिए 50% आरक्षण इस निर्णय के कारण प्रभावित नहीं होगा.
थावरचंद गहलोत ने कहा है कि ये आरक्षण ही सबका साथ सबका विकास है. अगर कोई कोर्ट में इसका विरोध करेगा तो कोर्ट उसकी बात नहीं सुनेगा. इस प्रावधान में शब्द कम है लेकिन इसका लाभ बहुत लोगों को मिलेगा.
थावरचंद गहलोत ने कहा है कि ये आरक्षण ही सबका साथ सबका विकास है. अगर कोई कोर्ट में इसका विरोध करेगा तो कोर्ट उसकी बात नहीं सुनेगा. इस प्रावधान में शब्द कम है लेकिन इसका लाभ बहुत लोगों को मिलेगा.
मोदी सरकार की तरफ से राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन बढ़ाए जाने पर विपक्ष संसद गांधी मुर्ति के पास प्रदर्शन कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि राज्यसभा की कार्यवाही बढ़ाने के लिए विपक्ष की राय नहीं ली गई.