पटना: कोरोना वायरस से परेशान बिहार में बर्ड फ्लू और चमकी बुखार ने दस्तक दे दी है. बिहार में कोरोना पॉजिटिव की संख्या हर दिन बढ़ रही है इसी बीच चमकी बुखार और बर्ड फ्लू के भी केस सामने आने शुरू हो गए हैं. बर्ड फ्लू के प्रकोप से बचने के लिए मुर्गे को ज़मीन में गाड़ा जा रहा है. वहीं मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे का मामला सामने आया है.

मुज़फ़्फ़रपुर के एस के एमसीएच में एक सकरा से एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का संदिग्ध बच्चा आया जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.जिले के जिलाधिकारी डॉ चंद्र शेखर सिंह ने बताया कि चमकी का संदिग्ध एक मरीज आया है. जिसका इलाज किया जा रहा है. इन सब परेशानियों को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण, बर्ड फ्लू और स्वाईन फ्लू को लेकर हाई लेवल मीटिंग की है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कोरोना संक्रमण,एईएस, बर्ड फ्लू एवं स्वाईन फ्लू के हालात की समीक्षा की. कोरोना संक्रमण से उपजी ताजा स्थिति की जानकारी ली और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने बर्ड फ्लू एवं स्वाइन फ्लू को लेकर भी जानकारी ली.उन्होंने कहा कि जहां भी पक्षियों की अननैचुरल डेथ हो रही है उस पर नजर रखें.फ्लू के प्रभाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जायें.

मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा के क्रम में एईएस के संबंध में भी निर्देश देते हुये कहा कि एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम के संदर्भ में अभी से ही पूरी तैयारी रखी जाय.लोगों को एईएस के संबंध में अभियान चलाकर अभी से ही जागरूक करें.

एईएस से प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों में सभी प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय ज़रूर करें और वहां पूरी सफाई का ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर में बन रहे 100 बेड वाले शिशु गहन चिकित्सा इकाई (PICU) को जल्द से जल्द तैयार करायें ताकि समय पर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.

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