Longest Personal Name in The World: दुनिया में बहुत तरह के रिकॉर्ड होते हैं. किसी ने एग्जाम में अच्छे अंक लाकर रिकॉर्ड बनाया होता है तो किसी ने खेलकूद में अपने रिकॉर्ड बनाए होते हैं. कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनकर लोग यही बोलते हैं, ऐसा भी कोई रिकॉर्ड होता है.  जी हां, हम बात कर रहे हैं एक ऐसे आदमी की, जिसने कोई काम करके रिकॉर्ड नहीं बनाया, बल्कि अपना ऐसा नाम रखा कि वह रिकॉर्ड बन गया. एक ऐसा नाम, जिसको बस बोलने में ही 20 मिनट लग जाए.  यह अनोखा रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के रहने वाले लॉरेंस वॉटकिंस के नाम है. इनकी पहचान बेहद खास है, क्योंकि इनका नाम इतना बड़ा और लंबा है कि इसको लिखने में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की किताब के पूरे 6 पन्ने भर जाते हैं. 

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गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिए चुना अनोखा रास्ता

यह अनोखा रिकॉर्ड पहली बार 1992 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में देखा गया था, जब वॉटकिंस सिर्फ 24 साल के थे. उस समय वह ऑकलैंड की सिटी लाइब्रेरी में काम करते थे. वॉटकिंस का कहना है कि बचपन से ही उनका सपना गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज करवाने का था.  हालांकि, वह न तो सबसे बलशाली थे, न सबसे लंबे और न ही सबसे तेज. ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों न दुनिया का सबसे लंबा नाम ही रख लिया जाए. इसके लिए उन्होंने बच्चों के नाम रखने वाली किताबें, माओरी शब्दकोश और अपने सहकर्मियों से हजारों नाम इकट्ठा किए, जिनमें यूरोपियन, माओरी, सामोअन, जापानी और चीनी नाम शामिल थे. धीरे-धीरे उन्होंने दो हजार से भी ज्यादा यानी कुल 2,253 यूनीक शब्दों के साथ अपना नाम रख लिया और यह दुनिया भर में एक रिकॉर्ड बन गया.

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रिकॉर्ड के लिए कोर्ट तक पहुंचा मामला

यह रिकॉर्ड बनाना इतना आसान नहीं था. जब वॉटकिंस ने अपने इस लंबे नाम को रजिस्टर करने के लिए अर्जी डाली तो ऑकलैंड के रजिस्ट्रार ने इसे मंजूरी दे दी, लेकिन वेलिंगटन के रजिस्ट्रार जनरल ने अर्जी खारिज कर दी. इसके बाद लॉरेंस ने इस मामले को कोर्ट तक लेकर चले गए और अंत में इसका फैसला लॉरेंस के हक में गया.  जिसके बाद उनका नाम आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे लंबे नाम के रूप में दर्ज हो गया. 

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