World Bank Countries Loan : दुनिया इस समय आर्थिक संकट, युद्ध, महंगाई, जलवायु बदलाव और ऊर्जा संकट जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है. कई देशों की अर्थव्यवस्था दबाव में है और उन्हें डर है कि आने वाले समय में हालात और मुश्किल हो सकते हैं. यही वजह है कि अब कई देश पहले से ही इमरजेंसी फंड की तैयारी में जुट गए हैं. वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 27 देश ऐसे हैं जो चाहते हैं कि किसी बड़े संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत आर्थिक मदद मिल सके. इसके लिए ये देश वर्ल्ड बैंक और दूसरी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के साथ लोन और सहायता को लेकर बातचीत कर रहे है.  इससे साफ है कि मुश्किल समय में आज भी दुनिया के कई देशों के लिए वर्ल्ड बैंक सबसे बड़ा सहारा माना जाता है. ऐसे में आइए आज जानते हैं कि दुनिया के सभी देशों को अब तक वर्ल्ड बैंक कितना कर्ज बांट चुका है. 

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क्या है वर्ल्ड बैंक और कैसे हुई इसकी शुरुआत?

वर्ल्ड बैंक दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में से एक है. इसका काम जरूरतमंद और विकासशील देशों को आर्थिक मदद देना है, जिससे देश अपने यहां सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बना सकें. इसकी शुरुआत साल 1944 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुई थी. उस समय यूरोप के कई देश युद्ध की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो चुके थे. अर्थव्यवस्था टूट चुकी थी और लोगों के सामने रोजगार और खाने का संकट था.  ऐसे में अमेरिका, ब्रिटेन समेत 44 देशों ने मिलकर एक ऐसी संस्था बनाने का फैसला किया, जो युद्ध से प्रभावित और गरीब देशों को आर्थिक मदद दे सके. इसी के तहत इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट यानी IBRD बनाया गया. बाद में यही संस्था पूरी दुनिया में वर्ल्ड बैंक के नाम से मशहूर हो गई. 

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दुनिया के सभी देशों को अब तक वर्ल्ड बैंक कितना कर्ज बांट चुका है?

वर्ल्ड बैंक ग्रुप के आंकड़ों के अनुसार उसकी अलग-अलग संस्थाओं ने अब तक दुनिया भर के विकासशील देशों को करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी है. अगर भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम करीब 125 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. इसमें लोन, ग्रांट, गारंटी और निवेश जैसी कई तरह की फाइनेंशियल मदद शामिल है. इतनी बड़ी रकम दुनिया के कई देशों के पूरे साल के बजट से भी ज्यादा है. यही वजह है कि वर्ल्ड बैंक को दुनिया का सबसे बड़ा डेवलपमेंट फाइनेंस संस्थान माना जाता है. 

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वर्ल्ड बैंक आखिर पैसा कहां से लाता है?

वर्ल्ड बैंक का मॉडल अलग है. इसमें सदस्य देश  पूंजी जमा करते हैं. इसके बाद वर्ल्ड बैंक अपनी मजबूत साख यानी AAA रेटिंग के आधार पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बेहद कम ब्याज पर पैसा उधार लेता है. इसके बाद यही पैसा जरूरतमंद देशों को लोन के रूप में दिया जाता है. वर्ल्ड बैंक की अच्छी क्रेडिट रेटिंग होने की वजह से इसे कम ब्याज पर फंड मिल जाता है. यही कारण है कि यह गरीब देशों को अपेक्षाकृत सस्ता कर्ज दे पाता है. 

किन देशों को सबसे ज्यादा फायदा मिला?

वर्ल्ड बैंक ने एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देशों में बड़े स्तर पर फंडिंग की है. भारत भी उन देशों में शामिल है जिन्हें वर्ल्ड बैंक से लंबे समय से आर्थिक सहायता मिलती रही है. भारत में सड़क, रेलवे, बिजली, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कई बड़ी परियोजनाओं में वर्ल्ड बैंक की फंडिंग का इस्तेमाल हुआ है. पहले वर्ल्ड बैंक मुख्य रूप से सड़क, बांध और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फंडिंग करता था, लेकिन अब इसकी प्राथमिकताएं बदल रही हैं. अब यह संस्था जलवायु परिवर्तन, , डिजिटल तकनीक, महामारी रोकथाम, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे सेक्टर पर भी तेजी से काम कर रही है. ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट प्रोजेक्ट्स के लिए वर्ल्ड बैंक लगातार नए फंडिंग मॉडल तैयार कर रहा है. 

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