Camera Phone Rules: ज्यादातर देश में लोग अपने स्मार्टफोन को साइलेंट मोड पर स्विच करके कैमरा की शटर आवाज को बंद कर सकते हैं. लेकिन जापान में यह ऑप्शन मौजूद नहीं है. भले ही फोन साइलेंट या वाइब्रेशन मोड पर सेट हो, फोटो खींचते समय कैमरा फिर भी जोरदार शटर की आवाज करेगा. यह अनोखा नियम मुख्य रूप से प्राइवेसी और पब्लिक सेफ्टी के लिए बनाया गया है. 

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बिना इजाजत फोटो खींचने से रोकना 

शटर की आवाज को जरूरी बनाने के पीछे एक मुख्य वजह चोरी छिपे फोटो खींचने से रोकना है.  भीड़भाड़ वाले शहरी माहौल में खासकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लोग पहले दूसरों की जानकारी के बिना उनकी फोटो खींच लेते थे. फोटो खींचते समय कैमरे से जोरदार आवाज निकलवाना इस बात को पक्का करता है कि आसपास के लोगों को पता चल जाए कि कोई फोटो खींची गई है. यह आसान सा कदम पब्लिक जगह पर लोगों की प्राइवेसी की सुरक्षा करने में मदद करता है.

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अपस्कटिंग की समस्या से निपटना 

यह समस्या 2000 के दशक की शुरुआत में तब और भी गंभीर हो गई थी जब कैमरा फोन लोकप्रिय होने लगे थे. अपस्कटिंग से जुड़ी परेशानी बढ़ने लगी थी. इस परेशानी से निपटने के लिए स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों और मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों ने यह फैसला किया कि कैमरे की शटर की आवाज हमेशा सुनाई देनी चाहिए. इससे फोटो खींचने की कोई भी कोशिश आसपास के लोगों को पता चल जाती है.

अपनी मर्जी से किया गया इंडस्ट्री समझौता 

दिलचस्प बात यह है कि जापान में शटर की आवाज का नियम किसी खास सरकारी कानून पर आधारित नहीं है. इसके बजाय यह मोबाइल फोन कंपनियों और नेटवर्क ऑपरेटरों के बीच हुए एक अपनी मर्जी के समझौते की वजह से मौजूद है. बड़े टेलीकॉम ऑपरेटरों ने डिवाइस बनाने वाली कंपनियों के साथ मिलकर इस फीचर को एक सामाजिक सुरक्षा उपाय के तौर पर लागू करने पर सहमति जताई. 

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में पहले से मौजूद पाबंद दिया 

जापान के बाजार के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए स्मार्टफोन को फर्मवेयर लेवल पर अलग-अलग तरीके से कॉन्फिगर किया जाता है. भले ही फोन को साइलेंट मोड पर स्विच कर दिया जाए कैमरे का ऐप इस तरह से प्रोग्राम किया जाता है कि जब भी कोई फोटो खींची जाए तो शटर की आवाज जरूर आए.

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