Daylight Saving Time: दुनियाभर में समय का प्रबंधन करने के लिए कई तरह के तरीके अपनाए जाते हैं, जिनमें से एक बेहद चर्चित तरीका है डेलाइट सेविंग टाइम (DST). संयुक्त राज्य अमेरिका एक बार फिर से इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके लिए वहां बाकायदा नया कानून लाने की प्रक्रिया चल रही है. घड़ी की सुइयों को साल में दो बार आगे-पीछे करने के इस झंझट को हमेशा के लिए खत्म करने की मांग लंबे समय से हो रही थी. अमेरिका का यह नया कदम वहां के नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन दफ्तरों और पूरे आर्थिक तंत्र को गहराई से प्रभावित करने वाला है.

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आखिर है क्या डेलाइट सेविंग?

डेलाइट सेविंग टाइम यानी डीएसटी असल में सूरज की रोशनी का अधिकतम फायदा उठाने की एक वैज्ञानिक तरकीब है. जिन देशों में सर्दियों और गर्मियों के दिनों की लंबाई में बहुत बड़ा अंतर आता है, वहां इस व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है. इसके तहत गर्मियों की शुरुआत होते ही देश की सभी घड़ियों को एक घंटे के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है, जिसे तकनीकी भाषा में स्प्रिंग फॉरवर्ड कहा जाता है. ऐसा करने से लोगों को शाम के समय एक घंटा ज्यादा प्राकृतिक रोशनी मिल जाती है. फिर जैसे ही सर्दियों की दस्तक होती है तो घड़ियों को वापस एक घंटा पीछे कर दिया जाता है, जिसे फॉल बैक कहा जाता है.

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सबसे पहले कब हुई थी वक्त बदलने की शुरुआत?

इस व्यवस्था को लागू करने का यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि इसका इतिहास काफी पुराना है और इसका सीधा संबंध ऊर्जा की बचत से रहा है. पहले विश्व युद्ध के दौरान दुनिया के कई देशों ने कोयले और बिजली की खपत को कम करने के लिए इस अनोखे नियम को अपनाया था. इसके पीछे तर्क यह था कि गर्मियों में सुबह बहुत जल्दी धूप निकल आती है उस वक्त लोग सो रहे होते हैं, इसलिए क्यों न उस रोशनी का इस्तेमाल शाम को दफ्तर और कारखानों में काम के वक्त किया जाए. दूसरे विश्व युद्ध में भी इसे बड़े पैमाने पर दोहराया गया था और तब से अमेरिका की ऊर्जा नीति में यह हमेशा शामिल रहा है.

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अमेरिका के हर राज्य में समय का अलग है नियम

मौजूदा वक्त में अमेरिका में अधिकांश हिस्सों में मार्च के महीने में घड़ी को आगे और नवंबर में पीछे किया जाता है. चूंकि अमेरिका बहुत बड़ा देश है और वहां पर कई सारे अलग-अलग टाइम जोन हैं, इसलिए इनका असर भी अलग-अलग राज्यों में अलग तरह से दिखाई देता है. दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के सभी हिस्से इस नियम को नहीं मानते हैं. जैसे हवाई राज्य पूरे साल एक ही मानक पर चलता है और एरिजोना का भी ज्यादातर इलाका इस व्यवस्था से दूर रहता है. इन राज्यों का मानना है कि वहां गर्मियों में अतिरिक्त धूप की जरूरत नहीं होती है.

क्यों हो रहा डेलाइट सेविंग बिल का विरोध?

साल में दो बार जबरन समय बदलने की इस प्रक्रिया से अमेरिकी जनता काफी परेशान रहती है, क्योंकि इससे उनकी नींद, बच्चों के स्कूल और विमानों की उड़ानों का पूरा शेड्यूल गड़बड़ा जाता है. इसी समस्या के समाधान के लिए अमेरिका में सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट नाम का एक नया बिल लाया गया है. इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य साल में दो बार घड़ी बदलने की इस सदियों पुरानी प्रथा को हमेशा के लिए रोक देना है. हालांकि देश के कुछ हिस्सों में इस नए बिल का विरोध भी शुरू हो चुका है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की बहस छिड़ गई है.

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