Country Without Traffic Signals: इस देश में नहीं है एक भी ट्रैफिक सिग्नल, फिर कैसे कंट्रोल होती हैं गाड़ियां

Country Without Traffic Signals: सोचिए कि आप एक ऐसे देश में हों जहां पर एक भी ट्रैफिक सिग्नल नहीं है और आप वहां पर गाड़ी चला रहे हो. हालांकि यह नामुमकिन लग सकता है लेकिन भूटान में यह एक दैनिक वास्तविकता है. दरअसल यहां पर एक भी ट्रैफिक सिग्नल नहीं है. आइए जानते हैं इसके बावजूद भी यहां पर गाड़ियों को कैसे कंट्रोल किया जाता है.
भूटान एकमात्र ऐसा देश है जहां आपको कहीं भी एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं देखने को मिलेगी. यहां तक कि राजधानी थिम्फू में भी नहीं. सिग्नल की अनुपस्थिति के बावजूद भी यातायात व्यवस्थित रहती है और भीड़ भी कम होती है.
व्यस्त जंक्शनों पर प्रशिक्षित यातायात पुलिस हाथ के इशारे का इस्तेमाल करके वाहन के प्रभाव को कंट्रोल करती है. 1990 के दशक में भूटान ने कुछ समय के लिए थिम्फू में एक ट्रैफिक सिग्नल को स्थापित किया था. लेकिन जनता के असंतोष की वजह से सरकार को इसे हटाना पड़ा और मैनुअल ट्रैफिक नियंत्रण पर वापस लौटना पड़ा.
भूटान की सड़कों और गोल चक्कर पर रुकावट को कम करने और वाहन की आवाजाही में सुधार करने की योजना बनाई गई है. इसके अलावा देश का पहाड़ी इलाका स्वाभाविक रूप से वाहन की रफ्तार को कम रखता है.
भूटान में ड्राइवर काफी ज्यादा अनुशासन के साथ नियमों का पालन करते हैं. जेबरा क्रॉसिंग पर पैदल चलने वालों को प्राथमिकता दी जाती है और बेवजह हॉर्न बजाना असभ्य माना जाता है.
भूटान की पर्यावरण संरक्षण नीति काफी ज्यादा वाहन वृद्धि को प्रतिबंधित करती है. कई दूसरे देशों की तुलना में सड़कों पर कम वाहन की वजह से ट्रैफिक लाइट के बिना भी यातायात की भीड़ काफी कम रहती है.
टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहने के बजाय भूटान यातायात को विनियमित करने के लिए प्रशिक्षित कर्मी, अनुशासित नागरिक और कुशल सड़क योजना पर निर्भर है.