Heat Index: क्या आपने कभी सोचा है कि मौसम की एप्लीकेशन तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दिखाती है लेकिन इसके बावजूद भी बाहर निकलने पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस या फिर 51 डिग्री सेल्सियस जैसा क्यों महसूस होता है? इसका जवाब है नमी. मौसम वैज्ञानिक हीट इंडेक्स या फिर रियल फील टेंपरेचर नाम के पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. यह हवा के असली तापमान और वातावरण में मौजूद नमी की मात्रा को मिलाकर इस बात का अंदाजा लगाता है कि इंसानी शरीर को कितनी गर्मी महसूस होती है. 

हीट इंडेक्स क्या है? 

हीट इंडेक्स मौसम मापने का एक ऐसा पैमाना है जो हवा के तापमान और रिलेटिव ह्यूमिडिटी को मिलाकर इस बात का पता लगाता है कि इंसानी शरीर असर में कितना तापमान महसूस करता है.  जैसे अगर थर्मामीटर 41 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा है लेकिन नमी 60% से 80% के बीच है तो हीट इंडेक्स 50 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा हो सकता है. इस वजह से मौसम की भविष्यवाणी में कभी-कभी यह कहा जाता है कि तापमान 51 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हो रहा है. 

इंसानी शरीर खुद को कैसे ठंडा रखता है? 

इंसानी शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है. जब बाहर का तापमान बढ़ता है तो दिमाग का हाइपोथैलेमस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के लिए पसीने की ग्रंथियों को सक्रिय कर देता है.  शरीर को ठंडा रखने में पसीना बड़ी भूमिका निभाता है. जब त्वचा से पसीना भाप बनकर उड़ता है तो वह गर्मी को भी साथ ले जाता है.  इस वजह से ठंडक का एहसास होता है. 

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नमी की वजह से मौसम ज्यादा गर्म क्यों लगता है? 

नमी का मतलब है हवा में पहले से मौजूद जल वाष्प की मात्रा. हवा में नमी सोखने की एक सीमित क्षमता होती है. जब भी नमी का स्तर काफी ज्यादा हो जाता है तो हवा एक ऐसे स्पंज की तरह काम करती है जो पहले से ही पानी से पूरी तरह भरा हुआ हो. यही वजह है कि यह आपकी त्वचा पर मौजूद पसीने से और नमी नहीं सोख पाती. भाप बनकर उड़ने के बजाय पसीना शरीर पर ही बना रहता है. इस वजह से चिपचिपाहट और उमस का एहसास होता है.

41 डिग्री तापमान 51 डिग्री जैसा क्यों लग सकता है? 

जब पसीना ठीक से भाप बनाकर नहीं उड़ पाता तो शरीर का कुदरती ठंडा होने का तरीका बेअसर हो जाता है. शरीर के अंदर पैदा होने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती. ऐसा इसलिए क्योंकि भाप बनने की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है. अब भले ही थर्मामीटर 41 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा हो लेकिन आपके शरीर को काफी ज्यादा गर्मी का तनाव महसूस होता है. इस वजह से तापमान 51 डिग्री सेल्सियस या फिर उससे भी ज्यादा महसूस होता है.

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