Mughal Citizenship: आज के देशों के उलट मुगल साम्राज्य में नागरिकता का कोई भी औपचारिक कॉन्सेप्ट नहीं था. इसके लिए पासपोर्ट, आधार कार्ड या फिर नागरिकता प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की कोई भी जरूरत नहीं थी. मुगल काल में किसी भी इंसान की पहचान मुख्य रूप से सम्राट के प्रति उसकी वफादारी, स्थानीय निवास, पारंपरिक वंश, धर्म और पेशे से तय होती थी. जो लोग विदेशी साम्राज्य के अंदर रहना या फिर काम करना चाहते थे उन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाते थे. इसके बजाय उन्हें शाही आदेश और स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रिया के जारी आधिकारिक मंजूरी दी जाती थी. 

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कोई औपचारिक नागरिकता प्रमाण पत्र नहीं 

मुगल प्रशासन आज इस्तेमाल होने वाले नागरिकता दस्तावेज जैसा कोई भी प्रिंटेड दस्तावेज जारी नहीं करता था. कानूनी नागरिकता के बजाय साम्राज्य राजा के प्रति निष्ठा के सिद्धांत पर ही काम करता था. साम्राज्य के अंदर रहने वाले लोगों को नागरिक के बजाय मुगल सम्राट की प्रजा माना जाता था. उनके अधिकार और जिम्मेदारी काफी हद तक राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ उनके संबंध पर निर्भर होती थी.

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शाही फरमान की अहमियत 

जब मशहूर विदेशी व्यापारी विद्वान, सैन्य अधिकारी या फिर कारीगर मुगल साम्राज्य में आते थे तो उन्हें शाही फरमान या फिर शाही आदेश मिल सकता था. सीधे राजा द्वारा जारी किया गया फरमान रहने, काम करने, व्यापार करने या फिर शाही संरक्षण प्राप्त करने की कानूनी मंजूरी देता था.  

पारिवारिक रिकॉर्ड 

आम निवासियों के लिए पहचान आमतौर पर शजरा या फिर पारिवारिक वंशावली के जरिए से तय की जाती थी. ये पारिवारिक रिकॉर्ड किसी व्यक्ति के वंश का विवरण रखते थे. इससे यह साबित करने में मदद होती थी कि वे किसी खास क्षेत्र या फिर समुदाय से संबंधित हैं. 

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वफादारी घोषित करना 

जब बाहर से लोग किसी मुगल प्रांत में आते थे तो उनसे स्थानीय काजी या फिर सूबेदार के सामने पेश होने की उम्मीद की जाती थी. उन्हें अपनी यात्रा का उद्देश्य बताना होता था और साथ ही मुगल प्रशासन के प्रति अपनी वफादारी भी दिखानी होती थी. 

क्या होती थी राहेदारी?

साम्राज्य में यात्रा करने वाले विदेशी और घरेलू व्यापारियों को राहेदारी नाम का एक दस्तावेज दिया जाता था. यह तय टैक्स के भुगतान के बाद जारी किए गए यात्रा परमिट के रूप में काम करता था. यह व्यापारियों को एक शहर से दूसरे शहर तक सुरक्षित रूप से सामान ले जाने के लिए एक मंजूरी पत्र के तौर पर काम करता था.

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