Science Behind Ghosts: यह एहसास की कोई भूतिया या दिखाई ना देने वाली उपस्थिति आसपास है खास तौर से सुनसान, पुरानी या फिर अंधेरी जगह पर काफी ज्यादा तेज हो सकती है. एक शांत इमारत, एक अनजान शोर या फिर एक धुंधली सी परछाई आम जगह को भी भूतिया बना सकती है. हालांकि ऐसा एहसास जरूरत से ज्यादा किसी अलौकिक चीज की तरफ इशारा नहीं करता.

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 यह दिमाग के आसपास के वातावरण और किसी व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक स्थिति से पैदा हो सकता है.  वैज्ञानिक जानकारी में कम फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनि, बढ़ी हुई सतर्कता, पैटर्न पहचान, सुझाव और खराब वायु गुणवत्ता शामिल हैं. 

इन्फ्रासाउंड और असामान्य संवेदनाएं 

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एक संभावित व्याख्या इन्फ्रासाउंड है. 20 हर्ट्ज से कम फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनि तरंगें जो आमतौर पर इंसानों को सुनाई नहीं देती है. पुरानी या फिर शमशान इमारत में संरचनाओं के चारों तरफ चलने वाली हवा पुरानी पाइपलाइन और दूर का ट्रैफिक ऐसी कम फ्रीक्वेंसी वाली कंपन पैदा कर सकता है. यह साउंड किसी के आए बगैर भी हमेशा मौजूद हो सकती है. 

हालांकि लोग पूरे ध्यान से इन ध्वनियों को नहीं सुन सकते लेकिन उन्हें बेचैनी, चिंता या फिर कंपकंपी का अनुभव हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक 19 हर्ट्ज के दौरान कंपनी आंखों को प्रभावित कर सकती है और इस बात का भ्रम भी हो सकता है कि कोई परछाई चल रही है. 

काफी ज्यादा सतर्कता दिमाग को परेशान करती है 

डर दिमाग के अपने आसपास के प्रति प्रतिक्रिया करने के तरीके को बदल सकता है. जब भी कोई व्यक्ति अकेला होता या फिर अंधेरे में होता है तो दिमाग हाइपरविजिलेंस नाम की स्थिति में जा सकता है. यह सतर्कता एक बढ़ी हुई स्थिति है जो व्यक्ति को संभावित खतरों पर नजर रखने में मदद करती है. 

इस प्रतिक्रिया के दौरान शरीर कॉर्टिसोल नाम का एक तनाव हार्मोन जारी करता है. जैसे ही ध्यान खतरे पर चला जाता है सामान्य ध्वनि और छोटी-मोटी चीजें भी काफी खतरनाक लग सकती हैं. हवा की हल्की सी हलचल या फिर सरसराहट की आवाज को गलती से फुसफुसाहट समझ लिया जाता है. जबकि एक आम परछाई भी किसी आदमी के शरीर के जैसी नजर आ सकती है. दिमाग खतरे में महसूस होने वाले वातावरण में बेवजह की जानकारी इकट्ठी करने लगता है. 

पेरिडोलिया 

एक और स्थिति पेरिडोलिया की है. इस दौरान अधूरी जानकारी में कुछ जाने पहचाने पैटर्न को पहचान की कोशिश शामिल है. इंसानों का दिमाग खास तौर से चेहरों और मानव आकृति की पहचान करने में सक्षम है भले ही वह आकृति काफी ज्यादा रेंडम हो.  एक खाली इमारत में मलबा, टूटी फूटी चीज और दीवारों पर छायादार आउटलाइन बनी हो सकती है. दिमाग इन पैटर्न को एक आदमी या फिर प्रेत के रूप में समझ सकता है. 

भूतों की कहानियों की शक्ति 

जिसने सुना है कि कोई इमारत भूतिया है वह पहले से ही डर में उस इमारत में जाएगा. जो लोग भूत प्रेत या फिर भूतों वाली जगह के बारे में कहानियों पर विश्वास करते हैं उन्हें सामान्य कमरों में भी अजीब अनुभव हो सकता है. ऐसे अनुभव किसी दिखाई ना देने वाली उपस्थिति के प्रमाण के बजाय कल्पना और अपेक्षा से पैदा हो सकते हैं. इस वजह से किसी जगह के बारे में फैली बातें आने वालों के इसे देखने के तरीके को आकार दे सकती हैं. 

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खराब वायु गुणवत्ता

पुरानी या फिर बंद इमारत के अंदर पर्यावरणीय स्थिति काफी ज्यादा अलग हो जाती हैं. खराब वेंटिलेशन से ब्लैक मोल्ड या फिर जहरीले गैसें जमा हो सकती हैं. इन चीजों को अंदर लेने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और मतिभ्रम हो सकता है.  इस तरह के प्रभाव का अनुभव करने वाले व्यक्ति गलत तरीके से विश्वास कर सकते हैं कि कोई और उनके पास है. इस वजह से वातावरण के साथ-साथ बंद जगह में असामान्य संवेदनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए.

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