Assam Flood Reasons: देशभर में बारिश लगातार अपना प्रकोप दिखा रही है. कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात हैं. इन्हीं में से एक है असम, जहां बाढ़ के कारण करीब 1.3 लाख लोग प्रभावित हैं. वहीं, 87 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हैरान कर देने वाली बात यह है कि असम में पिछले कई साल से बार-बार बाढ़ के हालात बन जाते हैं. IMD यानी Indian Meteorological Department के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और असम के कई जिलों में भारी बारिश का आशंका है. क्या आपने कभी सोचा है कि इन इलाकों में इतना बाढ़ आने के पीछे क्या कारण है?
असम में बाढ़ के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि असम में कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात के पीछे की सबसे बड़ी वजह है ब्रह्मपुत्र नदी का स्तर का बढ़ जाना. यह नदी तिब्बत में Yarlung Tsangpo के रूप में उत्पन्न होती है, जो हिमाचल की ओर मुड़ जाती है. इसके बाद हिमाचल के नामचा बरवा पहाड़ों से गुजरते हुए यह नदी अरुणाचल प्रदेश से असम की ओर बहती है. यहां इसे ब्रह्मपुत्र नदी के नाम से जाना जाता है. इस दौरान हिमालयी ग्लेशियरों, पिघलती बर्फ और भारी बारिश से नदी में काफी पानी इकट्ठा हो जाता है, जिससे इसका बहाव बढ़ जाता है और मानसून के दौरान उत्तर-पूर्व के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं.
एक्सपर्ट्स की मानें तो असम ऐसा राज्य है, जो कई पहाड़ों से घिरा है. मानसून के दौरान इन इलाकों में भारी बारिश होती है. वहीं, सुबनसिरी, मानस, जिया भराली, धनसिरी और कोपिली जैसी सहायक नदियों का पानी भी ब्रह्मपुत्र नदी में मिलता है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है और बारिश के समय पानी को बाहर निकलने की जगह नहीं मिलती है और बाढ़ आ जाती है.
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क्यों नहीं हुआ इसका इलाज?
असम में बाढ़ जैसी स्थिति को काबू करना मुश्किल होता है, क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी में हर साल बहुत ज्यादा पानी आता है. ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि असम को पूरी तरह बाढ़ मुक्त बनाना शायद संभव नहीं है. बाढ़ बार-बार आने और उसका इलाज न हो पाने के पीछे कई कारण हैं.
- पहाड़ी इलाकों से पानी बहुत तेजी से नीचे आता है और नदी उसे संभाल नहीं पाती.
- ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों और बर्फ का पिघलना.
- सीमेंट की दीवारें बनाने से इस बेकाबू नदी को रोका नहीं जा सकता.
- कम समय में ज्यादा बारिश होना, जिससे नदी में पानी काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
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