बॉलीवुड की चकाचौंध से संसद के गलियारों तक का सफर तय करने वाली अभिनेत्रियां न केवल अपनी आवाज बल्कि अपने स्टाइल से भी सुर्खियां बटोरती हैं. हेमा मालिनी, जया बच्चन, किरण खेर और कंगना रनौत जैसी एक्ट्रेस से सांसद बनीं हस्तियां साड़ी को अपनी पहचान का हिस्सा बनाती हैं. लेकिन क्या भारतीय संसद में कोई आधिकारिक ड्रेस कोड है? आइये इस बारे में जानते हैं.

क्या संसद में कोई ड्रेस कोड हैसाड़ी भारतीय संस्कृति का गौरव है और संसद में महिला सांसदों की पहली पसंद रही है. साड़ी न केवल परंपरा को दर्शाती है, बल्कि यह शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है.  तो सवाल उठता है कि क्या है संसद का कोई ड्रेस कोड? जवाब है नहीं. हालांकि संसद की परंपरा और गरिमा को बनाए रखने के लिए सादगीपूर्ण परिधान पहने की परंपरा है. वैसे तो भारतीय संसद में सांसदों के लिए कोई लिखित ड्रेस कोड नहीं है. हालांकि, एक अलिखित परंपरा है, जिसमें महिलाएं ज्यादातर साड़ी या सलवार कमीज जैसे पारंपरिक परिधान पहनती हैं. पुरुष सांसद आमतौर पर कुर्ता-पायजामा, धोती या सूट पहनते हैं. 2019 में टीएमसी सांसद नुसरत जहां को उनके वेस्टर्न पहनने पर सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ी थी, क्योंकि कुछ लोगों ने इसे संसद की गरिमा के खिलाफ माना. जनता से जुड़ाव

सांसदअपनेमतदाताओंकाप्रतिनिधित्वकरतेहैं औरभारतमेंज्यादातरलोगपारंपरिककपड़ोंकोपसंदकरतेहैं. धोती-कुर्ताऔरसाड़ीपहनकरसांसदअपनेक्षेत्रकीसंस्कृतिऔरजनताकीभावनाओंसेजुड़तेहैं. उदाहरणकेलिए ममता बनर्जीकीसादगीभरीसूतीसाड़ीपश्चिमबंगालकीजनताकेबीचलोकप्रियहै. इसीतरह,बिहारऔरउत्तरप्रदेशकेसांसदधोती-कुर्तापहनकरस्थानीयपहचानकोदर्शातेहैं.

अपने लुक से सुर्खियों में रहती हैं ये सांसदबता दें कि कई ऐसी महिला सांसद हैं जो हैंडलूम की साड़ी पहनना काफी पसंद करती हैं. डिंपल यादव की बात करें तो वो हल्के रंग की हैंडलूम साड़ी पहने अक्सर नजर आती हैं. वहीं बीजेपी सांसद कंगना रनौत अपने साड़ी लुक से लोगों का दिल जीत लेती हैं कंगना भी ज्यादातर हैंडलूम की साड़ी पहनती हैं. वहीं बात करें बीजेपी सांसद हेमा मालिनी की तो हेमा मालिनी को अक्सर कांजीवरम सिल्की की साड़ी पहने देखा जाता है. इसे भी पढ़ें- ना सोना, ना प्लेटिनम और ना ही डायमंड! ये है दुनिया की सबसे महंगी धातु