Jitan Ram Manjhi Net Worth: एक ऐसे राजनीतिक माहौल में जहां दौलत और सत्ता कहीं ना कहीं आपस में जुड़ी होती हैं एक नाम ऐसा है जो काफी अलग वजह से सबसे अलग नजर आता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मंत्रिमंडल में जीतन राम मांझी को सबसे कम घोषित संपत्ति वाले मंत्री के तौर पर पहचाना जाता है. जून 2024 में शपथ ग्रहण के बाद हलफनामे के आंकड़ों के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 30 लाख रुपये है. लेकिन मांझी की कहानी सिर्फ एक आंकड़े से कहीं ज्यादा है. 

Continues below advertisement

मंत्रिमंडल में सबसे कम घोषित संपत्ति 

जीतन राम मांझी सबसे कम नेटवर्थ वाले मंत्रियों की सूची में सबसे ऊपर हैं. इनकी संपत्ति लगभग 30 लाख रुपये है. दूसरे मंत्रियों के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम है. यह मंत्रिमंडल के अंदर के भारी अंतर को दिखाता है. कम घोषित संपत्ति वाले दूसरे मंत्रियों में बंदी संजय कुमार, अजय टम्टा, सुकंत मजूमदार और पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हैं. इनकी संपत्ति 1 करोड़ से लेकर 1.3 करोड़ के बीच है.

Continues below advertisement

गरीबी से सत्ता तक 

बिहार के गया जिले के महकार गांव में जन्मे मांझी मुसहर समुदाय से आते हैं. यह समुदाय भारत के सबसे पिछड़े और हाशिए पर पड़े समुदायों में से एक है. उनके पिता एक खेतिहर मजदूर थे और मांझी ने भी अपनी शुरुआत की जिंदगी का कुछ हिस्सा खेतों में काम करते हुए बिताया.

शिक्षा और शुरुआती करियर 

आर्थिक मुश्किलों के बावजूद मांझी ने 1967 में गया कॉलेज से ग्रेजुएशन को पूरा किया. बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने से पहले 1968 से 1980 तक डाक और तार विभाग में क्लर्क के तौर पर काम किया. 

राजनीतिक उभार और मुख्यमंत्री का कार्यकाल 

मांझी के राजनीतिक कैरियर में एक बड़ा मिल का पत्थर तब आया जब 2014 में नीतीश कुमार के इस्तीफा के बाद वह बिहार के 23वें मुख्यमंत्री बनें. उनका कार्यकाल 1 साल से भी कम समय का रहा.

अपनी खुद की पार्टी बनाना 

नीतीश कुमार से मतभेद होने के बाद मांझी ने 2015 में हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की स्थापना की. इस मंच के जरिए उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान और प्रभाव को लगातार बढ़ाया. 

केंद्र सरकार में मौजूद भूमिका 

आज जीतन राम मांझी मोदी कैबिनेट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के केंद्रीय मंत्री के रूप में काम करते हैं. इसी के साथ वे गया निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य भी हैं.

यह भी पढ़ें: नॉर्मल पेट्रोल से कितना अलग होता है प्रीमियम पेट्रोल, जिस पर सरकार ने बढ़ा दिए 2.09 रुपये?