Bike History: शहर में आने जाने से लेकर लंबी दूरी के सफर तक मोटरसाइकिल रोजमर्रा की जिंदगी में एक बड़ी भूमिका निभाती हैं. आज भारत दुनिया के सबसे बड़े टू व्हीलर बाजारों में से एक है. लेकिन काफी कम लोग जानते हैं कि पहली मोटरसाइकिल किसने बनाई थी या फिर बाइक पहली बार भारतीय सड़कों पर कब आई थी. आइए जानते हैं क्या है इन सवालों का जवाब.

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दुनिया की पहली मोटरसाइकिल किसने बनाई? 

दुनिया की पहली पेट्रोल से चलने वाली मोटरसाइकिल 1885 में जर्मन इंजीनियर गॉटलीब डेमलर और उनके साथ ही विल्हेम मेबैक ने बनाई थी. इस जोड़ी ने इंटरनेशनल कंबशन इंजन से चलने वाला एक वाहन बनाया और 29 अगस्त 1885 को अपने आविष्कार के लिए पेटेंट हासिल किया.  

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इस मोटरसाइकिल का नाम डेमलर रीटवेगन रखा गया. इसका मतलब है राइडिंग कार. यह आज की मोटरसाइकिलों से काफी अलग थी और आज सड़कों पर दिखने वाली बाइकों के बजाय लकड़ी की साइकिल जैसी ज्यादा दिखती थी. 

पहली मोटरसाइकिल कैसी दिखती थी?

डेमलर रीटवेगन मुख्य रूप से लकड़ी की बनी थी और इसका फ्रेम साइकिल जैसा था. पैडल के बजाय इस वाहन के बीच में एक छोटा सा पेट्रोल इंजन लगाया गया था. स्थिरता को बेहतर बनाने के लिए इसके किनारों पर छोटे सपोर्ट व्हील भी लगाए गए थे. हालांकि आज के मानकों के हिसाब से यह काफी ज्यादा साधारण थी. 

भारत में मोटरसाइकिल कैसे आई? 

भारत में मोटरसाइकिल का इतिहास ब्रिटिश काल में शुरू हुआ. दरअसल अधिकारियों और शौकीनों द्वारा सीमित संख्या में इम्पोर्टेड बाइक का इस्तेमाल किया जाता था. हालांकि आजादी के बाद से ही मोटरसाइकिल बड़े पैमाने पर भारत में आईं.

1949 में मद्रास मोटर्स ने ब्रिटेन से रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलें इम्पोर्ट करना शुरू किया. रॉयल एनफील्ड 350cc बुलेट जैसे मॉडल अपनी मजबूती और परफॉर्मेंस की वजह से मशहूर हुए. 

भारतीय सेना की भूमिका 

1952 में एक बड़ा मोड़ आया जब भारत सरकार ने सेना के इस्तेमाल के लिए 500 रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल मंगवाईं. इन मोटरसाइकिलों को कश्मीर और राजस्थान जैसे मुश्किल इलाकों में तैनात किया गया. यहां ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भरोसेमंद ट्रांसपोर्टेशन की काफी ज्यादा जरूरत थी. बुलेट की मजबूत बनावट और मुश्किल हालात में भी अच्छा परफॉर्म करने की क्षमता ने सेना और आम लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित किया.

भारत का पहला मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट 

जैसे-जैसे मोटरसाइकिलों की मांग बढ़ती गई मद्रास मोटर्स ने 1955 में ब्रिटिश कंपनी रॉयल एनफील्ड के साथ मिलकर एनफील्ड इंडिया की शुरुआत की. इसी के साथ चेन्नई में भारत की पहली मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनी.

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