China Birth Rate: चीन काफी ज्यादा जनसांख्यिकीय चुनौती का सामना कर रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि देश में जन्म दर ऐतिहासिक रफ्तार से गिर रही है. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में सिर्फ 7.92 मिलियन बच्चों का जन्म हुआ. यह 1949 में पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद से  दर्ज की गई सबसे कम वार्षिक जनसंख्या है. इस गिरावट की वजह से चीन की कुल आबादी लगातार चौथे  साल कम हुई है. इससे देश की अर्थव्यवस्था, कार्यबल और सामाजिक कल्याण प्रणाली के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ चुकी है.

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साल दर साल घटती आबादी 

चीन ने 2022 में 6 दशकों से ज्यादा समय में पहली बार आबादी में गिरावट दर्ज की.  तब से यह सिलसिला बिना रुके जारी है. अकेले 2025 में देश की आबादी में लगभग 3.39 मिलियन लोगों की कमी आई. इससे कुल आबादी घटकर लगभग 1.405 बिलियन रह गई. ऐसा कहा जा रहा है कि अगर मौजूदा रुझान जारी रहा तो चीन को आने वाले दशकों में लंबे समय तक आबादी में कमी का सामना करना पड़ सकता है. 

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जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर 

देश की जन्म दर अब प्रति 1000 लोगों पर 5.63 जन्म तक गिर गई है. इससे भी ज्यादा चिंता वाली बात चीन की कुल प्रजनन दर है. इसका अनुमान प्रति महिला 0.8 से 1 बच्चे के बीच है. ऐसा कहा जाता है कि स्थिर आबादी बनाए रखने के लिए 2.1 की प्रजनन दर जरूरी होती है. चीन का वर्तमान स्तर दुनिया में सबसे कम स्तरों में से एक है. 

अब जन्म से ज्यादा मौतें 

चीन की घटती आबादी के पीछे सबसे बड़ी वजहों में से एक यह है कि अब जन्म की तुलना में मौतों की संख्या काफी ज्यादा है. जहां 2025 में 7.92 मिलियन बच्चों का जन्म हुआ वहीं इस अवधि में देश में लगभग 11.31 मिलियन मौत दर्ज की गई.. 

बच्चे कम क्यों पैदा हो रहे हैं?

चीन के डेमोग्राफिक संकट के पीछे कई वजह हैं. वन चाइल्ड पॉलिसी जो 1979 से 2015 तक लागू रही की वजह से बच्चे पैदा करने की उम्र वाले युवाओं की संख्या में काफी कमी आई है. इसी के साथ बच्चों की परवरिश का खर्च भी तेजी से बढ़ा है. शिक्षा, हेल्थ केयर, घर और बच्चों की देखभाल के खर्चों ने कई परिवारों के लिए माता-पिता बनना काफी महंगा बना दिया है. इसी के साथ युवा शादी में भी कम दिलचस्पी ले रहे हैं.

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